केंद्र सरकार ही यह तय करेगी कि यूटी के मास्टर प्लान में शहर के लोगों के किस-किस सुझाव को शामिल किया जाना है। यूटी प्रशासन इस माह के अंत तक केंद्र को मास्टर प्लान का ड्राफ्ट भेज देगा।
साथ ही बोर्ड ऑफ इंक्वायरी की रिपोर्ट भी भेजी जाएगी जिसमें शहर के लोगों के सुझाव और प्रशासन के कमेंट्स शामिल हैं। रिपोर्ट में सलाहकार समिति की ओर से दिए गए सुझावों को भी शामिल किया जा रहा है।
केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही अधिसूचना जारी की जाएगी। पहले यह कहा जा रहा था कि मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में लोगों द्वारा दिए गए सुझावों को प्रशासन शामिल करेगा।
ध्यान रहे कि 30 जून को यूटी गेस्ट हाउस में सलाहकार समिति की आठवीं बैठक में सभी सदस्यों के सुझाव सुनने के बाद प्रशासक शिवराज पाटिल ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए थे कि आठ दिन में मास्टर प्लान का ड्राफ्ट फाइनल किया जाए।
हालांकि यह डेडलाइन 8 जुलाई को खत्म हो चुकी है। अधिकारियों को कहना है कि अभी रिपोर्ट में सुझावों को शामिल करने का काम जारी है।