चीन समेत पूरी दुनिया के लिए मुसीबत बने कोरोना वायरस के केसों को देखते हुए मोहाली जिला अस्पताल में गुरुवार को मॉक ड्रिल की गई। ताकि कोरोना वायरस का मरीज आने की स्थिति में उसे फौरी तौर पर संभाला जा सके। विशेष तौर पर तैयार की गई मेडिकल टीम ने कोरोना वायरस के फर्जी मरीज को अस्पताल के नजदीक स्थित एक घर से एंबुलेंस के जरिए लाया गया। जहां पर डॉ. भूषण कुमार ने मरीज को प्राथमिक चिकित्सा दी।
इसके बाद ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. संदीप कुमार ने मरीज के जरूरी सैंपल लिए। सिविल सर्जन डॉ मनजीत सिंह व नोडल अफसर डॉ हरमनदीप कौर खुद इस मॉक ड्रिल की देखरेख कर रहे थे। मौके पर ही अस्पताल में मौजूद स्टाफ नर्स को पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट पहने के तरीके व अन्य सावधानियों के बारे में बताया गया। इस दौरान सीनियर मेडिकल अफसर डॉ अरीत कौर, डॉ विजय भगत, जिला प्रशासन की तरफ से नायब तहसीलदार मनदीप सिंह ढिल्लों मौजूद थे।
ड्रिल का यह महत्व है
डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि इस ड्रिल का महत्व अस्पताल के मेडिकल स्टाफ को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार करना था। इस दौरान इमरजेंसी की तैयारी को पूरी तरह से परखा गया। जहां भी कमी आई उन्हें दूर किया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का कहर बढ़ रहा है। ऐसे में अस्पतालों को पूरी तरह से तैयार करना बड़ा जरूरी है।
अभी तक नहीं सामने आया कोई केस डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि अभी तक पंजाब में कोरोना वायरस का कोई भी मरीज सामने नहीं आया है। विभाग किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वायरस से बेवजह घबराने की जरूरत नहीं है।
बचाव के लिए सावधानी की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मोहाली एयरपोर्ट पर लगभग एक महीने से तैनात है। साथ ही आने वाले यात्रियों की जांच की जा रही है। जिला अस्पताल व सब डिवीजनल अस्पताल खरड़ और डेराबस्सी में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए है।