विधायक नीरज शर्मा ने सदन में कहा कि शराब गंदी न हो, इसके लिए तो सरकार प्रदेश के शराब कारखानों में ‘फ्लो मीटर’ लगवाकर एक-एक बूंद पर नजर रखने की बात कर रही है, बड़ी मेहरबानी होगी, यदि ऐसा ही कोई ‘चेक मीटर’ प्रदेश में गंदे पानी पर भी लगवा दिया जाए। इस बात पर कांग्रेसी विधायकों ने नीरज शर्मा को खूब समर्थन किया। उनके अनुसार प्रदेश में आज गंदे पेयजल की बहुत बड़ी समस्या है।
विधायक जगबीर मलिक ने भी कहा कि बहुत से गांव ऐसे हैं, जहां गंदे पानी की वजह से जलजनित बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। उनके हलके में भी गंदे पानी की समस्या गंभीर रूप ले रही है। विधायक अमरजीत ढांडा ने भी पेयजल किल्लत व सिंचाई के लिए कम पानी का मुद्दा उठाया।
विधायक ही जब बिल ठीक नहीं करवा पा रहा, जनता क्या करवाएगी
विधायक नीरज शर्मा ने गलत मीटर रीडिंग के बाद आने वाले भारी बिजली बिलों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वे खुद इस समस्या के भुगतभोगी है। उनका खुद बिजली बिल गलत रीडिंग की वजह से करीब 1.70 लाख रुपये आया हुआ। इसे ठीक करवाने के लिए वह धक्के खाकर अब थक चुके हैं। उनके अनुसार ‘जब मैं खुद विधायक होने के बावजूद अपना गलत मीटर रीडिंग की वजह से आया बिल ठीक नहीं करवा पा रहा, तो सोचिए जनता इस समस्या से कितनी दुखी होगी।’
विधायक चौधरी ईश्वर सिंह ने प्रदेश में बेटियों की गुमशुदगी का गंभीर मसले पर सदन का ध्यान खींचा। विधायक ने कहा कि प्रदेश में किशोरियां और बच्चियां संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो रही हैं। कुछ मामलों की जांच में सामने आया है कि उन्हें गायब कर देह व्यापार में धकेल दिया जाता है। सरकार को इस तरह की मानव तस्करी पर गंभीरता दिखानी होगी। उनके अनुसार इसका खुलासा अपराध के आंकड़े करते हैं।
मानव तस्करी के साथ-साथ मानव अंगों की तस्करी भी चिंताजनक है। इसलिए इस पर गंभीरता दिखानी होगी। ईश्वर सिंह ने हरियाणा विधानसभा की आरक्षित सीटें भी 17 से बढ़ाकर 18 करने की मांग की। उनके अनुसार कुल 90 विधानसभा सीटों का 20 फीसद आरक्षित कोटा 18 सीटों का बनता है। मगर जब से हरियाणा बना हैं, तभी से 17 सीटें ही अनुसूचित व जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इसे बढ़ाया जाए। उन्होंने फैक्ट्रियों द्वारा घग्गर नदी में छोड़े जाने वाले जहरीले पानी पर भी चिंता जताई। इससे प्रभावित क्षेत्रों में लोग कैंसर के मरीज बन रहे हैं।