डायरिया से पीड़ित विधायक दर्शन सिंह कोटफत्ता की बहन को मैक्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया। कुछ दिन कोमा में रहने के बाद मंगलवार को उसकी मौत हो गई। विधायक का आरोप है कि उनकी बहन की मौत गलत इंजेक्शन लगाने से हुई है। पुलिस ने मैक्स के दो डॉक्टर व एक नर्स पर मामला दर्ज करवाया है।
कुलविंद्र कौर स्कूल में प्राचार्या थी। एक माह पहले डायरिया होने पर अच्छे उपचार के लिए उनके पति अजायब सिंह ने नामी अस्पताल मैक्स में उन्हें भर्ती करवाया। उनका इलाज डॉ. राजेश वशिष्ठ व उनके जूनियर डॉक्टर कर रहे थे। सोमवार को अचानक कुलविंद्र कौर के हालात बिगड़ने लगे तो जूनियर डॉक्टर व नर्स ने डॉ. वशिष्ठ को जानकारी दी। उन्होंने फोन पर ही इंजेक्शन लगाने को कहा।
टीका लगाते ही कुलविंद्र की हालत बिगड़ने लगी और वह कोमा में चली गईं। मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। इसे लेकर अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। विधायक दर्शन सिंह कोटफत्ता अस्पताल पहुंचे और उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बहन की मौत डॉक्टरों की लापरवाही से हुई है और पुलिस को सूचित किया।
डीएसपी शहरी गुरजीत सिंह रोमाणा ने अजायब सिंह की शिकायत पर डॉ. राजेश वशिष्ठ व उनके जूनियर व नर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इससे पहले भी मैक्स अस्पताल प्रबंधकों पर घटिया इलाज और अधिक पैसे वसूलने के आरोप लगते आ रहे हैं। वहां मौजूद मरीजों के रिश्तेदारों का कहना है कि मैक्स अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर नहीं हैं। जरूरत पड़ने पर शहर के निजी डॉक्टरों को बुला कर इलाज करते हैं और मनमर्जी से पैसे ऐंठते हैं।
मैक्स अस्पताल के प्रबंधकों ने प्रेस विज्ञप्ति में इस घटना पर खेद प्रकट किया। प्रबंधकों का कहना है कि कुलविंद कौर को कैंसर था। इस बारे में अभिभावकों केा बता दिया गया था। उन्हें वेंटिलेटर भी दिया गया था।