उन्होंने कहा ऐसा कर पंजाबियों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने इस मामले को लेकर पंजाब सिविल सप्लाई विभाग के एक सीनियर अधिकारी से भी बात की थी। उन्होंने दो या तीन दिन के अंदर जानकारी देने की बात कही थी, अभी तक उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं बताया गया है। इस पर उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र भेजकर इस मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग रखी है।
‘कैप्टन नहीं कस पाए माफिया पर लगाम’
विधायक बैंस के अनुसार उन्होंने सूबे में चल रहे माफिया को लेकर एक सर्वे करवाया है। इस सर्वे में यह बात निकल कर सामने आई है कि सूबे में हर साल 65 से 70 हजार करोड़ का रेत और बजरी चोरी होता है। सत्ता में आने से पहले कैप्टन ने दावा किया था कि वह सूबे में ट्रांसपोर्ट माफिया पर लगाम कसेंगे, हैरानी की बात है कि माफिया और मजबूत हो चुका है।
सरकारी बसों को स्टैंड पर ढाई मिनट मिलते है, जबकि प्राइवेट कंपनी की बसें 10 मिनट रुकती हैं। सरकार इस पर लगाम कसे तो हर साल 15 हजार करोड़ का मुनाफा हो सकता है। केबल माफिया भी हर रोज तीन करोड़ की काली कमाई कर रहा है।