लोक इंसाफ पार्टी (लिप) प्रमुख एवं लुधियाना से विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने दुष्कर्म के आरोप मामले में महिला की शिकायत पर एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा मामला दर्ज करने के आदेश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले में हाईकोर्ट सोमवार को बैंस की याचिका पर सुनवाई करेगा।
याचिका में बैंस ने बताया कि पीड़िता ने उनके व उनके साथियों के खिलाफ याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने मंजूर करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर का आदेश जारी करते हुए स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। याची ने बताया कि महिला बीते कई माह से उन पर दुष्कर्म का आरोप लगा रही है।
आरोप यह है कि एक संपत्ति विवाद के चलते वह याची से मिली थी। याची ने अपने दफ्तर में बने एक कमरे में उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसके बाद उस महिला ने 16 नवंबर 2020 को पुलिस कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों को इसके खिलाफ लिखित शिकायत दी थी और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
महिला का आरोप है कि शिकायत पर कार्रवाई के लिए वह कई बार पुलिस कमिश्नर दफ्तर लुधियाना के बाहर धरना भी लगा चुकी है, लेकिन पुलिस ने इस मामले में जांच की बात कहते हुए आगे कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस से कोई न्याय नहीं मिलता देख पीड़िता ने अपने वकील के माध्यम से क्रिमिनल शिकायत अदालत में दी थी।
निचली अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पीड़िता की याचिका को मंजूर करते हुए लुधियाना पुलिस को याची और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया। याची ने आरोपों को सिरे से नकारा है और इस मामले में निचली अदालत के आदेश को रद्द करने की हाईकोर्ट से गुहार लगाई है।