विधायक रामकुमार गौतम, दुष्यंत चौटाला।
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हरियाणा की नारनौंद सीट से पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को हराने वाले जजपा के विधायक रामकुमार गौतम (दादा गौतम) और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के बीच रार बढ़ती जा रही है। हालात यह है कि दादा गौतम का गुस्सा बुधवार को विधानसभा की विधायक गैलरी में भी फूट पड़ा। गुस्सा भी ऐसा फूटा कि इसी गैलरी में मौजूद एक व्यक्ति ने उनका वीडियो बना लिया और देखते ही देखते ये वीडियो एकदम से वायरल हो गया।
इस वीडियो में हालांकि दादा गौतम के आरोप पुराने ही है। मगर जिस अंदाज में उन्होंने अपना गुस्सा डिप्टी सीएम के प्रति जाहिर किया है। उससे यह बात साबित हो गई है कि दादा गौतम और डिप्टी सीएम के बीच रही नाराजगी अभी जल्द खत्म होने वाली नहीं है। दरअसल, बुधवार को विधानसभा में विधायकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन होना था। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पहुंचना था। मगर उनके आने में देरी की वजह से विधायक भी विधानसभा में ही स्थिति अपनी गैलरी में बैठे उनका इंतजार कर रहे थे।
वहीं विधायक दादा गौतम को भी अन्य विधायकों ने घेर लिया और गपशप शुरू कर दी। बात चलते-चलते डिप्टी सीएम दुष्यंत और दादा गौतम के बीच रही नाराजगी पर पहुंच गई। इस पर दादा गौतम ने भी कन्नी काटने की बजाए अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए डिप्टी सीएम को खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। तभी शुरू हो गई दादा गौतम की वीडियो रिकार्डिंग।
दादा गौतम ने कहा कि कोई माने या न माने अपनी सीट के साथ-साथ आसपास की सीटें जितवाने में भी मेरा पूरा सहयोग है। वीडियो में ही इस पर एक विधायक उनकी बात को समर्थन देते हुए कहता है हां, ये बात आपने बिल्कुल सही और साइंसटिफिक कही। वीडियो में दादा गौतम ने कहा कि डिप्टी सीएम बनने के बाद दुष्यंत ने खुद 11 महकमों पर कब्जा कर लिया है। एक जजपा विधायक जो कि बड़े धानक समाज से आते हैं, उसे भी इतका कमजोर मंत्रालया देकर मंत्री बनाया है। बताओ, इसमें अनुप धानक को क्या मिला। सारी उम्र अनुप ने इनके साथ गुजार दी लेकिन फिर भी उसे कोई खास इनाम नहीं मिला।
दादा गौतम ने कहा कि मेरी तो यही समझ में आ गया है कि इनके साथ रहकर इंसान की इज्जत नहीं हो सकती। दादा गौतम के अनुसार दुष्यंत ने अपने दादा ओमप्रकाश चौटाला और अभय चौटाला को कैसे अलग कर दिया, उनके हाथ कुछ नहीं आया। मैंने भी चुनाव लड़ने से बहुत इंकार किया, मगर इन्होंने मेरा पीछा नहीं छोड़ा, यह जानते थे कि गौतम ही कैप्टन अभिमन्यु को हराएगा और फिर आगे का काम ये कर लेंगे। उनके अनुसार हम तो भोले से लोग थे, तभी हमें मार्गदर्शक मंडल में डाल दिया गया।