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हरियाणा में री इंप्लायमेंट का खेल, अयोग्य अफसर ने लिए भर्ती इंटरव्यू, सीएमओ पहुंचा मामला

Thu, 20 Dec 2018 10:45 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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fraud for employment
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री इंप्लायमेंट पर हरियाणा सरकार के ढुलमुल रवैये का एक बड़ा मामला सामने आया है। पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग में खेल चल रहा है। सरकार तक की आंखों में भी धूल झोंकी जा रही है। विभाग में अफसर व कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी एक्सटेंशन खत्म हो चुकी है। बावजूद ये कर्मचारी न केवल महत्वपूर्ण पदों पर काबिज हैं, बल्कि विभाग के नीतिगत कार्यों में भी संलिप्त है। इस मामले की शिकायत हरियाणा के मुख्य सचिव को भी भेजी गई है।
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अयोग्य अफसर ने लिए प्रोजेक्ट असिस्टेंट के इंटरव्यू
इसी खेल के चलते विभाग ने एक अयोग्य अफसर ने 11 दिसंबर को विभाग में प्रोजेक्ट असिस्टेंट की भर्ती संबंधित इंटरव्यू तक लिए। इस अफसर को अक्टूबर 2016 में रिटायरमेंट के बाद विभाग में ही री इंप्लायमेंट के अंतर्गत एक साल की एक्सटेंशन पर रखा था। अक्टूबर 2017 में इस एक्सटेंशन को एक साल और बढ़ाया गया। अक्टूबर 2018 में ये एक्सटेंशन खत्म हो गई थी। लेकिन उसके बावजूद अभी तक संबंधित अफसर न केवल विभाग में काबिज है, बल्कि उसे 11 दिसंबर 2018 को विभाग में होने वाले प्रोजेक्ट असिस्टेंट की भर्ती इंटरव्यू कमेटी का सदस्य बना दिया गया।  एक्सटेंशन खत्म होने के बावजूद संबंधित अफसर ने विभाग में नई भर्ती के लिए कई युवाओं के इंटरव्यू भी लिए, जोकि इस पूरी प्रक्रिया पर बड़ा सवाल है।

हैरानी, बिना वेतन-भत्तों कर रहे हैं काम
इसी तरह विभाग में एक सहायक अफसर के पद पर भी मिलीभगत के चलते विभाग के ही रिटायर्ड कर्मचारी को अनुचित रूप से री इंप्लायमेंट के अंतर्गत रख लिया गया है। इस पद पर भर्ती के लिए जो विज्ञापन विभाग ने निकाला था, उसकी योग्यता भी संबंधित कर्मचारी पूरा नहीं करता है और उसकी एक्सटेंशन भी मई 2018 में खत्म हो गई थी।  लेकिन  फिर भी वे पद पर काबिज है।
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सीएमओ में भी पहुंच रही शिकायतें
हरियाणा के कई सरकारी विभागों में री इंप्लायमेंट का ये खेल चल रहा है। जिसकी कई शिकायतें हरियाणा के सीएम कार्यालय तक पहुंच रही है। जिसके चलते सीएम ने भी पिछले दिनों सभी विभागों से उनके री इंप्लाययड कर्मचारियों की जानकारी मांगी थी। जिसमें ये पूछा गया था कि रिटायर्ड कर्मियों को किस आधार पर दोबारा नौकरी पर रखा गया है और उनकी एक्सटेंशन कब-कब खत्म हुई है।  

उनके विभाग में एक्सटेंशन खत्म कर चुके अफसर, कर्मी बिना वेतन-भत्तों के अभी भी काबिज हैं और विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों में संलिप्त हैं। ये मामला उन तक पहुंचा है। वे इस बारे में जांच करवाएंगी और उसके बाद आगामी कार्रवाई करेंगी।
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- धीरा खंडेलवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
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