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‘स्मार्ट घड़ी को किराये पर लेना सरकारी खजाने का दुरुपयोग’

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मनीमाजरा। समस्या समाधान टीम चंडीगढ़ ने एक पत्र लिखकर चंडीगढ़ के प्रशासक, सलाहकार और नगर निगम कमिश्नर से मांग की है कि स्मार्ट वॉच को किराए पर लेने वाले इस करार को तुरंत प्रभाव से खारिज किया जाए। टीम ने कहा कि इससे सरकारी खजाने को नुकसान होगा।
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समस्या समाधान टीम के संयोजक क्रांति शुक्ला और प्रवीन ने बताया कि जिस स्मार्ट वॉच को चंडीगढ़ नगर निगम 467 रुपए प्रति घड़ी प्रति महीने के हिसाब से मेसर्ज आईएमटीएसी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से किराए पर ले रही है। उसी तरह की घड़ी को नगर निगम पंचकूला लगभग 800 रुपए में आईटीआई (एक केंद्रीय सरकारी उद्यम एजेंसी) से खरीद रहे हैं। जब कोई चीज दो महीने के किराए के बराबर खरीदी जा सकती है तो उसे तीन साल के लिए किराए पर लेना सरकारी पैसे की बर्बादी है।
इसके समाधान के लिए महेंद्र नाथ दुबे और शक्ति श्रीवास्तव ने सुझाव दिया कि आजकल सभी के पास स्मार्टफोन है और मार्केट में भी 500 रुपए का स्मार्टफोन इंटरनेट कनेक्शन समेत मौजूद है तो नगर निगम को चाहिए कि कर्मचारियों की लाइव लोकेशन देखने के लिए उनके स्मार्टफोन के जीपीएस का प्रयोग करे। यही नहीं किसी भी समय उनकी मौजूदगी चेक करने के लिए लाइव वीडियो कॉल की मदद ली जा सकती है इसलिए समस्या समाधान टीम स्मार्ट वॉच को किराए पर लेने के करार को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की मांग करती है।
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4000 स्मार्ट वॉच से कर्मियों पर निगाह रखेगा निगम
बता दें कि नगर निगम ने अपने कर्मचारियों के काम पर निगाह रखने के लिए 4000 स्मार्ट वॉच का अनुबंध मेसर्ज आईएमटीएसी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से किया है। इस करार के तहत उक्त कंपनी चंडीगढ़ नगर निगम को 467 रुपए प्रति घड़ी प्रति महीने के हिसाब से किराए पर देगी जिससे कर्मचारियों की लाइव लोकेशन दफ्तर पर ट्रैक करके निगाह रखी जाएगी। इस स्मार्ट वॉच का नगर निगम के कर्मचारियों के बाद अब सामाजिक संस्थाओं ने भी विरोध करना शुरू कर दिया है।
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