श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता पावन स्वरूपों का मामले में अलग-अलग सिख संगठनों ने श्री अकाल तख्त साहिब के नजदीक एक बैठक कर एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल सहित कार्यकारिणी को आरोपी घोषित किया है। इन संगठनों ने प्रस्ताव पारित कर लौंगोवाल से इस्तीफे की मांग की। लापता पावन स्वरूपों के मामले के आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करवाने की मांग को लेकर सिख संगठन 28 सितंबर को एसजीपीसी मुख्यालय तेजा सिंह समुंद्री हाल में आयोजित बजट अधिवेशन का घेराव करेंगे।
अलगाववादी संगठन दल खालसा के कंवरपाल सिंह व अकाल फेडरेशन के भाई नरैण सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा की 22 सितंबर को कई सिख संगठनों के हजारों सदस्य गोबिंद सिंह लौंगोवाल के निवास स्थान के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू करेगें। लगभग चार घंटे चली इस बैठक में सिख संगठनों ने 25 सितंबर को किसानों की ओर से की गई पंजाब बंद की कॉल का समर्थन करने का फैसला किया। इस बैठक में एसजीपीसी परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे सिख संगठनों के सदस्यों पर लाठीचार्ज करने वाले टास्क फोर्स के कर्मचारियों को बर्खास्त करने की मांग की गई।
इन कर्मचारियों पर दस्तार उतारने व तलवारों से हमला करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई। बैठक में समांतर जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंड ने कहा कि एसजीपीसी को लापता पावन स्वरूपों का हिसाब देना होगा। यदि एसजीपीसी ऐसा करने में असमर्थ रही तो उसे संगत के विरोध का सामना करना पड़ेगा। इस बैठक में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल सहित कई नेता मौजूद थे।