मिर्स वर्ल्ड मानुसी छिल्लर को एमबीबीएस करने के लिए कॉलेज से राहत मिल गई है। वह कक्षा में उपस्थिति पूरी करने के बाद आगे की परीक्षा दे सकती हैं। ऐसा नहीं करने पर उन्हें कोई राहत नहीं मिलेगी। मानुषी का मामला सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी ने कॉलेज के डायरेक्टर को यह निर्णय लेने का अधिकार प्रदान किया है। डायरेक्टर ऐसे विद्यार्थी की उपस्थिति पूरी कराकर परीक्षा दिला सकते हैं। अब मानुषी थ्योरी में 75 प्रतिशत और प्रैक्टिकल में 80 प्रतिशत उपस्थिति करने के बाद परीक्षा दे सकेंगी।
मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर भगत फूल सिंह महिला मेडिकल कालेज खानपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। अपना पहला प्रॉफ करने के बाद मानुषी मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के लिए चली गई थीं। मिस वर्ल्ड बनने के बाद मानुषी कॉलेज नहीं आईं। इस कारण जनवरी 18 में हुए प्रॉफ एग्जाम व अप्रैल-मई में हुए सप्लीमेंट्री एग्जाम छूट गए। इस कारण आगे कॉलेज ने एग्जाम नहीं दिला पाने के साथ ही यूनिवर्सिटी स्तर पर मामला जाने की बात कही थी।
अब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ऐसे विद्यार्थी के मामले में अपने स्तर पर फैसला लेने की पावर दे दी है। यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि कोई विद्यार्थी पहला प्रॉफ पूरा कर लेता है और वह आगे नहीं आ पाता है तो उस पर क्या फैसला लेना है, यह डायरेक्टर तय करेंगे। साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि अगर मानुषी उपस्थिति पूरी नहीं करती हैं तो उसे परीक्षा नहीं दिलाई जाएगी। इसके बाद किसी भी तरह का फैसला यूनिवर्सिटी व एमसीआई के स्तर पर होगा।
जहां से क्लास छोड़ी, वहीं से करना होगा शुरू
बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डा. एपीएस बत्रा ने बताया कि मानुषी अगर एमबीबीएस पूरी करना चाहती हैं तो उसने जब से कॉलेज आना बंद किया है और उसने जितनी परीक्षाएं छोड़ी हैं, उसी जगह से शुरुआत करनी होगी। उसका पहला प्रॉफ पूरा हो चुका था तो वह दूसरे प्रॉफ में पहले क्लास ज्वाइन करेगी और उसके बाद उसकी परीक्षा दे सकेंगी। साल बढ़वाने के लिए उसे यूनिवर्सिटी के माध्यम से एमसीआई से अनुमति लेनी पड़ेगी।
मानुषी अगर कालेज में आकर उपस्थिति पूरी करती है तो उसे परीक्षा देने की अनुमति दे दी जाएगी। लेकिन वह उसकी उपस्थिति पूरी नहीं होती है तो परीक्षा नहीं दिलाई जा सकती है। इसके लिए थ्योरी में 75 प्रतिशत तो प्रैक्टिकल में 80 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी है।
- डा. एपीएस बत्रा, डायरेक्टर मेडिकल कॉलेज