सिविल अस्पताल के जच्चा बच्चा अस्पताल में चेकअप के लिए पहुंची महिला के साथ सफाई कर्मचारी महिला ने डांट फटकार लगाकर उसे बाहर निकाल दिया। लेबर रूम से बाहर निकालते ही महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी। इस पर महिला को पार्क में बैठा दिया गया। जिसके बाद दुर्गा कालोनी निवासी ललिता पार्क में बैठी और उसने प्री मिच्योर बच्चे को जन्म दिया।
हालत बिगड़ने पर अस्पताल कर्मचारी उसे अंदर ले गए। जिसके बाद स्टाफ के डर से ललिता का पति फूलचंद उसे लेकर घर चला गया। मामला ध्यान में आने के बाद मंगलवार को सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रशासन से दो दिन में रिपोर्ट तलब की है। उधर, मंगलवार को फूलचंद ने परिवार वालों के साथ थाना डिविजन दो में पहुंच कर बयान दर्ज कराए है। सिविल सर्जन ने मंगलवार को इस मामले में जांच के आदेश दिए तो जांच में सफाई कर्मचारी महिला की लापरवाही सामने आई। जिसे तुरंत प्रभाव से काम पर से निकाल दिया।
ढंढारी कलां के दुर्गा कालोनी इलाके में रहने वाले फूलचंद ने बताया कि उसकी शादी को दस साल हो चुके है। दस साल बाद उसकी पत्नी गर्भवती हुई थी। पांच महीने की उसकी पत्नी गर्भवती थी तो उसे प्रसव पीड़ा हुई। वह गणतंत्र दिवस वाले दिन पत्नी को अस्पताल लाया था। जहां सफाई कर्मचारी महिला लेबर रूम में काम कर रही थी, उसने उसकी पत्नी को हाथ पकड़ कर बाहर निकाल दिया।
उन्होंने विरोध किया तो उन्हें पार्क में जाकर बैठा दिया गया। जहां उसकी पत्नी की तबीयत ज्यादा खराब हो गई और उसकी पत्नी ने वहीं पर प्री मिच्योर बेबी को जन्म दे दिया। जिसके बाद उन्होंने अस्पताल प्रशासन को शिकायत करने के बाद पुलिस को शिकायत दी।
सिविल सर्जन डॉ. राजेश बग्गा ने बताया कि इस मामले में एसएमओ को दो दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट में किसी की भी लाहपरवाही सामने आई तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। उधर इस मामले में थाना डिविजन दो के एसएचओ इंस्पेक्टर सुरिंदर चोपड़ा ने बताया कि पीड़ित परिवार ने शिकायत दी है। इस बारे में एसएमओ को लिख कर भेजा जाएगा। इसमें किस की लापरवाही है। अस्पताल प्रशासन उन्हें लिखकर देगा तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।