शताब्दी एक्सप्रेस में सफर के दौरान यात्री को दिए खाने में कांच निकलने पर रेलवे ने कांट्रैक्टर को दो लाख का जुर्माना किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि दोबारा इस तरह की शिकायत मिली तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
खाने में निकले कांच के मामले की उत्तर रेलवे के उच्चाधिकारियों ने गहनता से जांच की। इसमें उन्होंने शताब्दी एक्सप्रेस के खानपान के कांट्रेक्टर को दोषी पाया। यात्रियों की शिकायत के बाद रेलवे ने कांट्रेक्टर के खिलाफ फैसला सुनाया है।
उत्तरी रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा ने बताया कि कांट्रैक्टर के लाइसेंस पर यह जुर्माना लगाया गया है। वहीं ट्रेन में खानपान की सेवा देने वाले मैनेजर को यह चेतावनी दी है कि वह अपने साथ अपना मेडिकल सर्टिफिकेट व आई कार्ड रखे। वहीं कांट्रैक्टर को जुर्माने के साथ यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि अपना लाइसेंस बचाना है तो रेल में खानपान की स्थिति ठीक करे।