सीधे लक्ष्य पर काम करती है दवा
कीमो जहां कैंसर कोशिकाओं को समाप्त करता है, वहीं इसका दुष्प्रभाव अन्य अंगों पर भी पड़ता है जबकि विटामिन ए और मेटल की डोज कैंसर सेल बनाने की स्थिति को ही पूरी तरह समाप्त कर देता है। यह कैंसर उत्पन्न करने वाले ट्रास लोकेशन पर वार करता है। जिससे अन्य किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं होता और संक्रमण का प्रारंभ ही रूक जाता है। प्रो. पंकज ने बताया कि यह कैंसर क्रोमोसोम के आपस में स्थान बदलने से कुछ केमिकल के ओवर एक्टिव होने से शुरू होता है। विटामिन ए और आर्सेनिक ट्राइऑक्साइड क्रोमोसोम के बदलाव से बनने वाले केमिकल को ही रोक देते हैं।
क्या है एक्यूट प्रोमाइलोसाइटिक ल्यूकेमिया
एक्यूट प्रोमाइलोसाइटिक ल्यूकेमिया (एपीएल) एक्यूट माइलॉयड ल्यूकेमिया (एएमएल) का एक रूप है जो मरीज की अस्थि मज्जा को प्रभावित करता है। अस्थि मज्जा में स्टेम कोशिकाएं होती हैं जो लाल रक्त कोशिकाओं और श्वेत रक्त कोशिकाएं को विकसित करती हैं। एपीएल से ग्रस्त मरीज की अस्थि मज्जा श्वेत रक्त कोशिकाओं का अविकसित रूप का अधिक उत्पादन करती है, जिन्हें प्रोमाइलोसाइट्स कहा जाता है। ये प्रोमाइलोसाइट्स अस्थि मज्जा के अंदर बनते हैं, जिससे स्वस्थ सफेद रक्त कोशिकाओं का उत्पादन कम हो जाता है।
एपीएल का विशिष्ट लक्षण संबंधित रक्तस्राव विकार (कोगुलोपैथी) है, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हो सकता है। इसमें रक्त का थक्का बनना (थ्रोम्बोसिस) भी प्रमुख लक्षण हो सकता है। एपीएल और अन्य प्रकार के ल्यूकेमिया में अस्थि मज्जा घातक कोशिकाओं से भर जाता है और कार्यात्मक कोशिकाओं का उत्पादन करने में असमर्थ होता है।