नरिंदर सिंह ने विवाह में मिले शगुन को इकट्ठा कर कहा कि अभी उनके पास यही रकम है और वह उसे ले लें। आरोप है कि इस पर किन्नर भड़क गए और उनमें से एक किन्नर ने दुल्हन समेत पूरे परिवार के सामने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। इतना ही नहीं किन्नरों ने शगुन के पैसों को दुल्हन के ऊपर फेंक दिया और कहा कि वह अपने मायके वालों से उनके लिए रकम मंगवाकर दे। इसके बाद जब परिवार वालों ने किन्नरों को और रुपये देने में असमर्थता जताई तो किन्नर उन्हें बुरा-भला कह कर चले गए। परिवार का कहना है कि उन्होंने इस पूरी घटना की रिकॉर्डिंग अपने मोबाइल में की है।
बधाई के नाम पर इस तरह की लूट सही नहीं है। एक निश्चित राशि तय होनी चाहिए ताकि इस तरह किसी को किन्नर अपमानित न कर सकें।अपमान से आहत दूल्हा नरिंदर सिंह और उनके परिवार के लोग जनता चौक स्थित किन्नरों के एक डेरे के बाहर पहुंचे और धरने पर बैठ गए लेकिन किन्नरों के घर पर ताला लगा था। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई और किन्नरों की इस धक्केशाही का विरोध किया। बाद में किन्नरों ने मौके पर पहुंचकर परिवार से माफी मांगी। इसके बाद परिवार के लोग धरने से उठे।