हार्ट प्रॉब्लम, किडनी फेल और सिर्फ 1.6 किलो वजन था नवजात का। मां-बाप उसके बचने की उम्मीद खो चुके थे, लेकिन एक चमत्कार हुआ और उसकी जान बच गई। मामला पंजाब के लुधियाना में सामने आया। 32 हफ्तों के प्री-मेच्योर बेबी को एसपीएस अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने कड़ी मेहनत करके बचा लिया।
32 हफ्ते 5 दिन के इस बच्चे को बचा पाने में विफल रहे अमृतसर के अस्पताल ने गंभीर हालत में उसे लुधियाना रेफर कर दिया था। बच्चे के यहां पहुंचते ही नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ. तानिया महल व डॉ. प्रदीप शर्मा, पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नवदीप सिंह व पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अंकित मंगला की टीम ने उसे तुरंत दाखिल किया और फिर इलाज की प्रक्रिया शुरू की।
बड़े साइज में 2डी इकोकार्डियोग्राफी करने पर उसकी हार्ट प्रॉब्लम की सही कंडीशन पता चली। इसके साथ ही उसे हेमोडायनामिक समस्या होने के कारण सर्जरी करने की जरूरत पड़ी, तो परजिनों से इसकी परमिशन ली गई।