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'काला तीतर' मामले में मंत्री नवजोत सिद्धू की मुश्किलें बढ़ेंगी, 'खाल लेकर आना भी है गैरकानूनी'

Sun, 16 Dec 2018 09:20 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
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नवजोत सिद्धू
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मंत्री नवजोत सिद्धू सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को काला तीतर गिफ्ट करने के मामले में फंसते नजर आ रहे हैं, क्योंकि खाल लेकर आना भी गैरकानूनी है। लुधियाना निवासी डॉ. संदीप कुमार जैन ने वाइल्ड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो दिल्ली को लेटर लिखकर इस मामले की जांच करने की मांग की है। सिद्धू के बचाव में अभी तक कहा जा रहा था कि वह जिंदा तीतर नहीं बल्कि उसकी खाल से तैयार ट्राफी लेकर आए है लेकिन इससे भी सिद्धू की मुश्किल कम नहीं होगी।
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वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत बाल, खाल, अंडे और हड्डी तक लेकर आना गैरकानूनी है। अगर दोष साबित हो जाए तो इसमें व्यक्ति को तीन साल तक कैद और 25 हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है। दोनों सजाएं एक साथ भी हो सकती हैं। वहीं सिद्धू द्वारा पाकिस्तान से भारत लाए काले तीतर मामले में सुरक्षा एजेंसियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। भारत में प्रवेश करते समय बीएसएफ और कस्टम ऑफिसर हर व्यक्ति की गहनता से जांच करते हैं।

ऐसे में उन्होंने उसी समय काले तीतर को जब्त क्यों नहीं किया। सिद्धू को पाकिस्तान से लौटे लगभग एक महीना हो चुका है। वह इस काले तीतर को अपने अमृतसर के घर सहित अन्य जगह पर भी लेकर गए होंगे। यह भी एक जांच का विषय है कि आखिरकार अभी तक किसी विभाग ने इस मामले की जांच क्यों नहीं की।
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यह है नियम

अगर किसी दूसरे देश से किसी तरह का जानवर लेकर भारत में आना हो, तो उससे पहले केंद्र सरकार की मंजूरी लेनी पड़ती है। मंजूरी मिलने के बाद ही उसे देश मेें लाया जा सकता है। काले तीतर को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक संरक्षित प्राणी माना गया है।

मुझे जैसे ही इस मामले का पता चला था, मैंने वाइल्ड क्राइम कंट्रोल को लेटर भेजकर इस मामले की जांच करने के लिए कहा है। नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।
- डॉ. संदीप कुमार जैन, वालंटियर डब्ल्यूसीसीबी, पंजाब
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