उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने इस मुद्दे को विदेश मंत्रालय, रूस में भारतीय राजदूत और भारत में रूसी राजदूत के समक्ष उठाया है। इसके अलावा उन्होंने इस मुद्दे को पंजाब विधानसभा में भी उठाया है और मांग की है कि यह बेहद गंभीर मामला है, जिसे जल्द सुलझाया जाना बेहद जरूरी है। इनमें से ज्यादातर युवा पंजाब के हैं, जो विजिटर वीजा पर रूस गए थे लेकिन उन्हें जबरन रूसी सेना में शामिल कर लिया गया।
धालीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार इन युवाओं की घर वापसी के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि इस बात की भी जांच की जाएगी कि युवकों को भेजते समय एजेंटों ने वीजा नियमों या इमीग्रेशन एक्ट का उल्लंघन तो नहीं किया। अगर कुछ भी गलत पाया गया तो एजेंटों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने दीनानगर के पास अवांखा गांव में युवा रवनीत सिंह के पिता सुखदेव सिंह, मां कुलवंत कौर और जंदेह के युवा विक्रम सिंह के पिता जसबीर सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार उनके बच्चों को वापस लाने का प्रयास करेगी। जल्द ही पंजाब के सभी युवाओं को सुरक्षित वापस लाया जाएगा।
पंजाब सरकार पिछले दो वर्षों में विदेश में फंसे सभी पंजाबियों को सुरक्षित वापस लाने में सफल रही है। उन्होंने युवाओं के परिवारों को आश्वासन दिया कि वे बिल्कुल भी न घबराएं, पंजाब सरकार उनके साथ खड़ी है।