हरियाणा के कैथल स्थित लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में शुक्रवार को खुले दरबार में महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने अधिकारियों की खिंचाई की। उन्होंने बहन जी कहने पर कलायत बीडीपीओ को फटकार लगाई और कहा कि मैडम बोलो। साथ ही कई अधिकारियों को उन्होंने बैठक में मातहत कर्मचारी भेजने, खुले दरबार में न पहुंचने पर भी चेतावनी भरे शब्दों में निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
दरअसल, शुक्रवार को लंबे समय बाद राज्यमंत्री कमलेश ढांडा कलायत में आमजन की समस्याएं सुनने खुले दरबार में पहुंचीं थीं। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का निर्देश दिया। इसी बीच किसी ने शिकायत दी कि बीडीपीओ कलायत भजन लाल एक कर्मचारी को परेशान कर रहे हैं, जिसने मोबाइल पर मंत्री को बात की थी। मंत्री ने जैसे ही बीडीपीओ को तलब किया तो बीडीपीओ मंत्री को संबोधन में बहन जी कहने लगे। इस पर मंत्री ने कहा कि क्या बहन जी बहन जी लगा रखा है, ..मैडम बोलो, अपनी लैंग्वेज सुधारो, आप बोलने ही नहीं दे रहे। इस पर बीडीपीओ ने कहा कि हमारी ओर बहन जी कहा जाता है। इस पर मंत्री ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि आपकी ओर क्या कहते हैं? आप क्यों उस कर्मचारी को परेशान कर रहे हैं। लिखकर दे दीजिए यदि यहां काम नहीं करना है। काम करना है तो लोगों के काम कीजिए। राज्यमंत्री ने अपने मातहत कर्मचारी को भेजने पर खंड शिक्षा अधिकारी को भी कार्रवाई की चेतावनी दी।
साथ ही अन्य अधिकारियों को भी लताड़ लगाते हुए कहा कि वे उन्हें नोटिस भेजकर जवाब देने को कहा। उन्होंने एक खरीद एजेंसी के अधिकारी को खुले दरबार में न पहुंचने व बाद में सीटीएम द्वारा फोन कर खुले दरबार में पहुंचने पर सख्त लहजे में कहा कि वे खुले दरबार में क्यों नहीं पहुंचे? जबकि सभी अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। इस पर अधिकारी ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं मिल पाई। जैसे ही जानकारी मिली, वे यहां तुरंत पहुंचे हैं। भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी। राज्यमंत्री ने पंचायत, बिजली निगम, पुलिस, सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग से जुड़ी समस्याओं के समाधान का निर्देश जारी किया।
उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन का दायित्व है कि उनके सामने पहुंचे आमजन की समस्या का तत्काल निवारण किया जाए। इसके बाद भी यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं निभाएगा और कोताही बरतेगा तो लापरवाह को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि सरकारी कार्यालय में पहुंचने पर समस्या के निवारण को प्राथमिकता देनी चाहिए। आमजन को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्यालय में उन्होंने नवनिर्वाचित पंचायतों, सरपंच, पंच को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के ग्रामीण अंचल के विकास के संकल्प में अपना योगदान दें।