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रिसर्च स्कॉलर का यौन शोषण करने वाला PGI प्रोफेसर फंसा, नड्डा बोले- सख्ती से करो कार्रवाई

Sat, 17 Nov 2018 04:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कार्यस्थल पर यौन शोषण - फोटो : डेमो फोटो
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पीजीआई चंडीगढ़ में प्रोफेसर द्वारा रिसर्च स्कॉलर का यौन शोषण किए जाने का मामला सामने आया है। इसमें कार्रवाई के आदेश जारी हो गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने यौन शोषण के आरोपी माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट में कार्यरत प्रोफेसर विकास गौतम के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित पीजीआई की गवर्निंग बाडी की मीटिंग की अध्यक्षता जगत प्रकाश नड्डा ने किया।
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सूत्रों ने बताया कि इस दौरान आरोपी प्रोफेसर के केस पर भी चर्चा हुई। नड्डा ने पीजीआई चंडीगढ़ अधिकारियों को नियमों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए। प्रोफेसर के खिलाफ एक रिसर्च स्कालर ने यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पीजीआई की यौन शोषण कमेटी ने जांच की। कमेटी ने प्रोफेसर को दोषी माना और उस रिपोर्ट को गवर्निंग बाडी के एजेंडे में शामिल किया गया।
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प्लैजरिज्म पर दोषी पाए जाने पर रिसर्च कार्य करने पर लगेगी रोक

यौन उत्पीड़न
गवर्निंग बाडी की मीटिंग में प्लैजरिज्म (रिसर्च डाटा कापी करना) के मुद्दे पर चर्चा की गई। तय किया गया कि यदि कोई इसमें दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ अब अकादमिक दंड लगाया जाएगा। उसे रिसर्च करने पर रोक लगाई जा सकती है। पहले इस बारे में गाइड लाइंस नहीं थी, लेकिन अब इसके प्रावधान तय कर दिए गए हैं।

यदि किसी प्रोफेसर पर प्लैजरिज्म के गंभीर आरोप लगे तो उसमें डाक्टर को निलंबित किया जा सकता है। किसको रिसर्च करने से रोका जाएगा और किसे निलंबित किया जा सकता है, यह सब डाक्टर या रिसर्च स्कालर के आरोप के आधार पर तय होगा। इसके अतिरिक्त 12 डाक्टरों और एम्स रायबरेली के लिए चार डाक्टरों की नियुक्ति की मंजूरी दे दी है।
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