मंत्री अनिल विज और एसपी संगीता कालिया की तकरार को लेकर सरकार ने कूटनीति अपनाते हुए बड़ा फैसला किया। मंत्री को क्लीन चिट दे दी गई और महिला एसपी का तबादला कर दिया गया।
सरकार ने एसपी कालिया को चौथी बटालियन आईआरबी में कमांडेंट नियुक्त कर दिया। उनके स्थान पर तीसरी बटालियन आईआरबी सुनारिया के कमांडेंट ओम प्रकाश को फतेहाबाद का एसपी लगाया गया है।
हरियाणा पुलिस कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष बलवान सिंह लांबा ने संगीता कालिया के तबादले के फैसले को गलत ठहराते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं, अनुसूचित जाति आयोग ने पूरे प्रकरण को दलित उत्पीड़न का मामला बताते हुए मुख्य सचिव व सरकार को नोटिस जारी कर एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है।
फतेहाबाद में कष्ट निवारण समिति की बैठक में एसपी संगीता कालिया द्वारा एक महिला एनजीओ को अपनी बात रखने से रोकने पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एनजीओ को अपनी बात रखने देने की बात कही।
एनजीओ इलाके में शराब की अवैध बिक्री के मुद्दे पर अपनी शिकायत रखना चाह रही थी, लेकिन एसपी कालिया ने स्वास्थ्य मंत्री की बात को भी नजरअंदाज कर एनजीओ को अपनी बात रखने से रोकने की कोशिश जारी रखी।
इस पर गुस्साए विज ने एसपी को बैठक से चले जाने के लिए कहा, जिस पर एसपी ने इनकार कर दिया। इसके बाद विज ने एसपी को ‘गेटआउट’ तक कह दिया, लेकिन उन्होंने बाहर जाने से मना कर दिया। आखिरकार विज खुद ही बैठक से उठकर चले गए।
दो महीने में दूसरी महिला आईपीएस जिन पर गिरी गाज
कालिया पिछले दो महीने में दूसरी महिला आईपीएस अफसर हैं जिन पर गाज गिरी है। पिछले महीने गुड़गांव के पुलिस कमिश्नर नवदीप सिंह विर्क से विवादों के बाद वहां तैनात ज्वाइंट कमिश्नर (ट्रैफिक) भारती अरोड़ा का तबादला कर दिया गया था।
भाजपा नेता अपना व्यवहार ठीक करें: हुड्डा
भूपेंद्रसिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा नेताओं को अब भाषण देना छोड़कर अपना व्यवहार सही कर शासन करना चाहिए। मंत्री व अधिकारी को अपने उच्च पद की गरिमा को ध्यान में रखना चाहिए। दोनों की बीच टकराव की स्थिति जनहित में नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री को महिला कर्मचारी से जिम्मेदारी से बात करनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर आलोचना
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कालिया का समर्थन किया है। उनका कहना है कि मंत्री को सार्वजनिक रूप से एसपी को गेट आउट नहीं कहना चाहिए था।
आईपीएस का रवैया ठीक नहीं था: शर्मा
शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने विवाद के लिए आईपीएस अधिकारी को दोषी ठहराया है। शर्मा ने कहा कि पूरे प्रकरण में आईपीएस अधिकारी का रवैया ठीक नहीं था। इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग द्वारा उठाई गई आपत्ति पर भी एतराज जताते हुए शर्मा ने कहा कि आईपीएस अधिकारी की कोई जाति नहीं होती।
तकरार में सरकार ने एक तीर से साधे कई निशाने
सरकार ने इस प्रकरण में कूटनीति का इस्तेमाल करते हुए विवादों में घिरी एसपी का तबादला कर भड़के मंत्री अनिल विज को शांत करने की कोशिश तो की, साथ ही प्रदेश में सरकारी दबाव से बाहर होते जा रहे अफसरशाहों को भी कड़ा संदेश दे दिया है।
सरकार ने 24 घंटे के भीतर ही एसपी को हटाकर इस मामले का जल्द पटाक्षेप करने की भी कोशिश की है। माना जा रहा है कि सरकार को इस बात का भी डर है कि कहीं इस प्रकरण को विरोधी ज्यादा हवा न दे दें और अफसर लॉबी भी सरकार के खिलाफ लामबंद न हो जाए।
उधर, खेल मंत्री अनिल विज इस बात का भी ऐलान कर चुके हैं काम न करने वाले अफसरों के खिलाफ उनकी जंग जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन के सताए लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए वे कोई भी कीमत चुकाने और कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं।