फतेहाबाद की महिला एसपी संगीता कालिया के साथ बहस से चर्चा में आए हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री ने आज फिर ट्वीट पर भड़ास निकाली।
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अनिल विज ने पहले ट्वीट में लिखा है कि प्रशासन के सताए लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए मैं कोई भी कीमत चुकाने व कुर्बानी देने के लिए तैयार हूं। इसके अलावा एक अन्य टवीट में उन्होंने लिखा कि काम न करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ मेरी जंग जारी रहेगी।
गौरतलब है कि एक दिन पहले फतेहाबाद की कष्ट निवारण समिति की बैठक में एसपी संगीता कालिया और अनिल विज के बीच इतनी बहस हो गई थी कि विज ने एसपी को मीटिंग से जाने के लिए कह दिया था। पलटकर जवाब देते हुए एसपी ने जाने से मना कर दिया था। विज की बीच में मीटिंग छोड़ चल दिए थे।
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अनिल विज ने खट्टर से की अफसर की शिकायत
मंत्री अनिल विज और आईपीएस अफसर संगीता कालिया के बीच हुई तू-तू मैं मैं मुख्यमंत्री खट्टर के दरबार में पहुंच गई है। इससे पहले कि प्रदेश की अफसरशाही और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर भाजपा के हरियाणा प्रभारी डॉ. अनिल जैन अपने हरियाणा प्रवास की रिपोर्ट आलाकमान को सौंपें, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और फतेहाबाद की एसपी का ताजा विवाद सामने आ गया है।
अब यह मामला सीएम दरबार में पहुंच गया है। मंत्री और अफसर की जनता के बीच तकरार का नतीजा जो भी निकले, लेकिन सियासी गलियारे में इसकी समीक्षा शुरू हो गई है। फतेहाबाद में कष्ट निवारण समिति की बैठक का मामला अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के दरबार में पहुंच गया है।
इससे पहले भी कई मामले हुए ऐसे
हालांकि, यह पहला ऐसा मामला नहीं है, जिसमें अफसरशाही की भिड़ंत सरकार के साथ हुई है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी की शिकायत अनिल विज ने मुख्यमंत्री से लिखित में की थी। उनका व्यवहार विज को रास नहीं आया था।
कुरुक्षेत्र की सीएमओ वंदना शर्मा का राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के साथ हुआ विवाद मीडिया में सुर्खियां बना रहा। एडीजीपी सीआईडी शत्रुजीत कपूर के साथ अनिल विज का विवाद जासूसी प्रकरण को लेकर हुआ।
लोक निर्माण विभाग के मंत्री राव नरबीर के साथ भी एक अफसर की कहासुनी चर्चा का कारण बनी। इसके बाद शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के साथ शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की ठनी।
हालांकि, यह दोनों तकरार मीडिया के सामने नहीं आईं, लेकिन सरकार को अंतत: अधिकारियों पर कार्रवाई करनी पड़ी। इस मामले में ऊंट किस करवट बैठेगा। यह मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद पता चलेगा।
विज और कालिया में ऐसे हुई तकरार
विज (एसपी से जवाब तलबी करते हुए): शराब के मामले में हम हरियाणा का पंजाब जैसा हाल नहीं होने देना चाहते। इस बारे में पिछली बैठकों में भी नशा बिकने की शिकायतें मिली हैं। एसपी: सर, पुलिस ने 2500 एफआईआर दर्ज की हैं, लेकिन आरोपी अदालत से छूट जाते हैं उसमें हम क्या कर सकते हैं। विज: पुलिस ईमानदारी से अपनी ड्यूटी नहीं निभाती। एसपी: ‘क्या आरोपी को जान से मार दें।’ विज: शराब बिकवाने में पुलिस की मिलीभगत है। एसपी: सर,सरकार बिकवाती है शराब। सरकार लाइसेंस देती है। विज: आप सरकार पर आरोप लगा रही हैं...क्या सरकार शराब बिकवाती है...आप सरकार को बदनाम कर रही हैं। विज: आप जाइए यहां से। आप नहीं जाती हैं तो मैं जा रहा हूं। मैं आपकी शिकायत करूंगा। एसपी: कर दो शिकायत। विज: लीव हेयर। एसपी: आई विल नोट लीव द मिटिंग। विज: गेट आउट। एसपी: वॉय वॉय, मैं नहीं जाऊंगी।
फतेहाबाद में बैठक से विज जैसे ही उठकर जाने लगे। जिला उपायुक्त एनके सोलंकी ने उन्हें रोकने की पूरी कोशिश की। वे बार-बार सॉरी कहते रहे लेकिन विज नहीं माने। डीसी पंचायत भवन के गेट तक विज के साथ आए। विज ने कहा जब तक एसपी यहां रहेंगी वे बैठक में नहीं आएंगे।
इस मामले में अभी मेरे पास कोई रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने पर ही कोई कार्रवाई की जाएगी। - मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री
मुझे शराब की अवैध बिक्री की लगातार शिकायत मिल रही थी। एसपी साहिबा ने आज इस मसले पर एनजीओ को ही धमकाना शुरू कर दिया। सीएम को पूरा मामला बताऊंगा। -अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री
जो भी घटनाक्रम है, वो सबके सामने है। मुझे इस बारे कुछ नहीं कहना। मैं इस संदर्भ में अपने उच्चाधिकारियों को सारी बात बता चुकी हूं। आगे जो भी करना है, उन्हें ही करना है। -संगीता कालिया एसपी, फतेहाबाद