फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: न्यायिक भर्ती परीक्षाओं में बरकरार रहेगी न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों की शर्त

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को न्यायिक भर्ती परीक्षाओं में उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने संबंधी नियम को बरकरार रखा है और इसे चुनौती देते हुए अनुचित बताने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह नियम न तो मनमाना है और न ही अवैध।
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने न्यायपालिका के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवारों के चयन के लिए मानक निर्धारित करने के उच्च न्यायालय के अधिकार पर जोर दिया। सर्वोच्च न्यायालय का हवाला देते हुए पीठ ने कहा कि केवल उच्च न्यायालय ही जानता है कि अधीनस्थ न्यायपालिका की क्या आवश्यकताएं हैं। यह विवाद पंजाब एवं हरियाणा में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों की भर्ती अधिसूचना के खंड 8.4 पर केंद्रित था। इस खंड के अनुसार, उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में कम से कम 40% और मौखिक परीक्षा सहित कुल मिलाकर 50% अंक प्राप्त करने होंगे।
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि नियमों में न्यूनतम योग्यता अंकों का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं है इसलिए अतिरिक्त शर्त अनुचित है। हाईकोर्ट ने इससे असहमति जताते हुए कहा कि जब सेवा नियम कुछ पहलुओं पर मौन हों तो हाईकोर्ट उस कमी को पूरा करने के लिए निर्देश जारी कर सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि न्यायिक सेवा केवल एक और सरकारी नौकरी नहीं है बल्कि एक ऐसी भूमिका है जिसके लिए योग्यता और उपयुक्तता के उच्च मानकों की आवश्यकता होती है। न्यायालय के पास रिक्तियों की संख्या के तीन गुना के बराबर अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट करने का विवेकाधिकार है। किसी भी अभ्यर्थी को तब तक सफलतापूर्वक उत्तीर्ण नहीं माना जाएगा... जब तक कि वह लिखित परीक्षा और मौखिक परीक्षा के लिए निर्धारित कुल अंकों में से कुल मिलाकर 50% अंक प्राप्त नहीं कर लेता।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें