खेलों में डोपिंग के बढ़ रहे चलन पर उड़न सिख मिल्खा सिंह ने खिलाड़ियों के कोच और डॉक्टरों पर उंगली उठाई है। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी डोपिंग में संलिप्त पाया जाता है, उसके कोच के साथ-साथ डॉक्टरों को भी सस्पेंड किया जाना चाहिए, क्योंकि कोच और डॉक्टरों की मदद के बिना डोपिंग संभव ही नहीं है।
सिटी की एक महिला वेटलिफ्टर के डोपिंग में फंसने को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि खेल में कैंसर जैसी इस गंभीर बीमारी को दूर करने के लिए भारतीय ओलंपिक महासंघ (आईओए) को कड़े कदम उठाने होंगे और खेल एसोसिएशन को भी गंभीर होना होगा। कड़े एक्शन लेने से ही खेल में अनुशासन बरकरार रह सकता है।