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पुलवामा में आतंकियों की मौत के साथ दफन हुए मकसूदां ब्लास्ट के राज, 4 छात्रों ने किया था धमाका

Sun, 23 Dec 2018 10:49 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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मकसूदां ब्लास्ट
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जम्मू कश्मीर के पुलवामा में मारे गए आतंकियों के साथ ही जालंधर में मकसूदां में हुए ब्लास्ट के राज भी दफन हो गए। 4 छात्रों ने धमाका किया था। केस में वांछित दो आतंकी मीर रऊफ और मीर उमर को सुरक्षा बलों ने पुलवामा में हुए एनकाउंटर में मार गिराया। जालंधर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि मारे गए दोनों आतंकी मकसूदां ब्लास्ट के कई राज खोल सकते थे।
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दोनों ही यह बात जानते थे कि जालंधर में बम सप्लाई करने के लिए कौन आया था और यह बम कैसे भेजे गए थे। इन्होंने ही जालंधर में बम की डिलीवरी ली थी। जेएंडके पुलिस की तरफ से पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा को इनके मारे जाने की आधिकारिक जानकारी दी गई। जालंधर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सभी आतंकी जाकिर मूसा के संगठन अंसार गजावत उल हिंद से संबंधित थे।
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जाकिर मूसा के आदेशों पर किया गया थ ट्रेंड

भुल्लर ने बताया कि 14 सितंबर को मकसूदां थाने पर हैंड ग्रेनेड फेंक विस्फोट किए थे। इस केस में जालंधर स्थित शिक्षण संस्थानों के छात्रों की गिरफ्तारी के बाद हमलावर चार लोगों के नामों का खुलासा हुआ था। इनमें शाहिद क्यूम (22), फैजल बशीर (23), मीर रऊफ अहमद और मीर उमर रमजान उर्फ गाजी के नाम शामिल थे।

जाकिर मूसा के आदेश के बाद संगठन के डिप्टी कमांडर आमिर ने मकसूदां थाने पर हमला करने के लिए इन चारों को ट्रेंड किया था। शाहिद और फैजल जालंधर के सेंट सोल्जर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोजॉजी में बीटेक (सिविल) के छात्र थे। इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं फरार रऊफ और उमर संगठन के कुख्यात व ट्रेंड आतंकी थे। वे कश्मीर से इस वारदात को अंजाम देने के लिए आए थे। वारदात के बाद दोनों बस पकड़कर जम्मू चले गए थे।
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