डीसी दफ्तर के बाहर प्रवासी मजदूरों का धरना।
अमृतसर में प्रवासी मजदूरों ने बुधवार की सुबह डिप्टी कमिश्नर शिव दुलार सिंह ढिल्लों के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। यह मजदूर बच्चों, महिलाओं, बुजुर्ग माता-पिता और सामान के साथ तीन दिन पहले इस उम्मीद से स्टेशन पहुंचे थे कि उनको घर जाने के लिए ट्रेन मिल जाएगी और वह किराए का अपना मकान भी खाली कर आए थे, इसलिए वापस भी नहीं जा सके। ट्रेन न मिलने की वजह से उन्हें स्टेशन के बाहर तीन रातें बितानी पड़ी। समाज सेवी संस्थाओं ने मजदूरों को खाना खिलाया है।
मजदूर बिहार व छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। इनमें से कुछ मजदूर ईंट भट्ठों में काम करते हैं। कुछ रेहड़ी लगाकर परिवार का पालन करते हैं। डीसी दफ्तर पहुंची एक महिला फुलबासन ने बताया कि उसके पास फूटी कौड़ी नहीं है। सरकार उन्हें घर भेजने का प्रबंध करे। महिला बबिता ने बताया सरकार ने बिहार के मजदूरों को तो मुफ्त घर भेज दिया है लेकिन छत्तीसगढ़ के मजदूरों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा हैं।
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तीन दिन हो गए रेलवे स्टेशन पर धक्के खाते हुए, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। शिअद के प्रवासी विंग के चेयरमैन महेश वर्मा ने कहा कि उन्होंने इस बात की जानकारी छत्तीसगढ़ के लेबर कमीशन को दे दी है। लेबर कमीशन ने डीसी अमृतसर के साथ बातचीत की है। जिन भट्ठा मालिकों के पास लेबर काम करती थी, उनके मालिक ने इनकी सुध नहीं ली। संभावना है की देर रात तक इनके जाने का इंतजाम हो जाएगा।