चंडीगढ़। प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में मिड डे मिल योजना के तहत अनुबंध पर कार्यरत हेल्पर और वर्कर कर्मचारियों की बायोमीट्रिक हाजिरी लगाने का फैसला शिक्षा विभाग ने वापस ले लिया है। शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में मिड डे मील योजना के अंतर्गत अनुबंध आधार पर कार्यरत कर्मचारियों की बायोमीट्रिक हाजिरी लगाने के आदेश जारी किए थे। इसमें जिला व खंड स्तर पर लेखा कार्यकारी, कार्यक्रम अधिकारी, माॅनिटरिंग सुपरवाइजर व डाटा एंट्री ऑपरेटर कर्मी शामिल थे। मगर जिला स्तर पर मिड डे मील वर्कर और हेल्पर की बायोमीट्रिक हाजिरी लगाने के फरमान जारी कर दिए। इस पर मौलिक शिक्षा निदेशक ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट हिदायत दी है कि मिड डे मील वर्कर और हेल्पर की बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगेगी और न ही उन पर स्कूलों की ओर से हाजिरी लगाने के लिए किसी तरह का दबाव बनाया जाए। साथ ही आदेश जारी किए कि कुक और हेल्पर खाना बनाने, वितरण और कार्य निपटान के बाद पूरे समय विद्यालय में रहने के लिए बाध्य नहीं है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की सूचना नहीं दे रहे डीईओ
शिक्षा विभाग ने हरियाणा कौशल निगम के जरिये भरे गए चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की सूचना तलब की है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए कि अपने-अपने जिले में कार्यरत ग्रुप डी के कर्मियों की सूचना मुख्यालय भिजवाई जाए। हालांकि पंचकूला, पानीपत, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी, फरीदाबाद और करनाल को छोड़कर बाकी अन्य जिलों को सूचना देनी होगी। दरअसल, 18 मार्च को शिक्षा विभाग ने सूचना मांगी थी, लेकिन जिला स्तर पर मुख्यालय के आदेशों को तरजीह नहीं दी गई। सेकेंडरी शिक्षा निदेशक ने सुस्त कार्यशैली पर जिला अधिकारियों को फटकार लगाते हुए स्पष्ट हिदायत दी कि निर्धारित प्रोफार्मा के मुताबिक सूचना मुख्यालय भिजवाई जाए। सूचना में देरी होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मुख्यालय की ओर से प्रोफार्मा के मुताबिक कर्मचारी का नाम, पद, विभाग में कब से कार्यरत है। वर्तमान में कर्मी कहां कार्य कर रहा है और उसकी किसके प्रति जवाबदेही है, यह तमाम सूचना भिजवानी होगी।