एमआई-17 को बीते 27 फरवरी को स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ ने श्रीनगर एयरबेस से सुबह 10 बजे टेक ऑफ किया था। ठीक इसी समय पाकिस्तान एयरफोर्स के 24 जेट भारतीय वायु सीमा में दाखिल हुए।
सुबह 10.10 बजे बडगाम में हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की खबरें आ गई थीं। पाकिस्तान के बालाकोट में हुई एयर स्ट्राइक के अगले दिन 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना की जमीन से हवा में मार करने वाली एक मिसाइल ने अपने ही हेलीकॉप्टर को दुश्मन का समझकर गिरा दिया था।
इस हादसे में हेलीकॉप्टर पर सवार वायुसेना के सभी छह जवानों और एक नागरिक की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि एमआई-17 हेलीकॉप्टर का बेहद अहम ‘क्रूशियल आइडेंटिफिकेशन सिस्टम’ बंद था। यह सिस्टम ऑन होने पर हेलीकॉप्टर और विमान अपनी पहचान का सिग्नल भेजता है।
घटना के समय वायुसेना की ओर से घटना में शामिल मृत कर्मियों के परिजनों को दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। भारतीय वायुसेना अब अपने 5 अफसरों पर कार्रवाई करने जा रही है। वायुसेना के ये सभी अफसर अपने ही हेलीकॉप्टर पर फायरिंग करने के मामले में दोषी पाए गए हैं। यह घटना 27 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के बडगाम में घटी थी।
घटना के तुरंत बाद ही वायुसेना ने इस मामले में जांच शुरू कर दी थी। एयरफोर्स की जांच शुक्रवार को पूरी हो गई। इन अफसरों पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट वायुसेना हेडक्वार्टर को भेजी गई है।
यह वाकया उस समय का है, जब पाकिस्तान के बालाकोट में इंडियन एयर स्ट्राइक के बाद पाक वायुसेना के फाइटर प्लेन भारत में घुसे थे। 27 फरवरी को जम्मू कश्मीर के बड़गाम से 7 किलोमीटर दूर गारेंद गांव में एक हेलीकॉप्टर एमआई-17वी5 क्रैश हो गया था। दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर दूर खेत में जा गिरा था।