बच्ची के गिरते ही ट्रक का अगला टायर उसे कुचलता हुआ निकल गया। इससे नवजात बच्ची की मौके पर मौत हो गई। हादसे में अमीर खान की सास को काफी चोटें लगी। जबकि अमीर व उसकी पत्नी रसीदा को मामूली चोटें आई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौप दिया।
बेटे की तरह मनाई थी बच्ची की खुशी, एक दिन बाद ही मातम
शादी से करीब डेढ़ साल बाद रसीदा के पास बुधवार रात को बच्ची ने जन्म लिया था। जब बच्ची का जन्म हुआ था तो उसके परिजनों ने उसकी खुशी बेटे की तरह मनाई। अमीर खान ने अस्पताल में मिठाई बांटी थी। अमीर का कहना था कि उसकी बेटी नहीं बेटा है। लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस बेटी की वे आज खुशी मना रहे है, कल उसकी मौत हो जाएगी। हादसे में ट्रक ने जैसे ही बच्ची को कुचला, तो उसके पिता, मां व नानी की भी चीख निकल पड़ी और बुरी तरह विलाप करने लगे। ट्रक से कुचला हुए दुधमुही बच्ची का शव देख उसकी मां बेहोश हो गई।
जच्चा-बच्चा को एंबुलेंस के लिए करना पड़ता है इंतजार
सरकार की ओर से गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए अस्पताल में लेकर आने व डिलीवरी के बाद घर छोड़कर आने की निशुल्क सुविधा दी गई है। लेकिन डिलीवरी के बाद इस सुविधा का लाभ लेने के लिए जच्चा-बच्चा का लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार घंटों इंतजार के बाद एंबुलेंस मिलती है। यदि जच्चा-बच्चा को तत्काल एंबुलेंस सुविधा मिलती तो शायद आज अमीर की नवजात बच्ची की मौत नहीं होती।
एंबुलेंस के लिए कंट्रोल रूम में फोन कर दिया गया था। एंबुलेंस पहुंचने से पहले ही परिवार जच्चा व बच्चा को बाइक पर ले गया। घायल व मरीजों को अस्पताल में आने वालों को एंबुलेंस सुविधा की प्राथमिकता दी जाती है। घर पर ड्रॉप के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। लेकिन परिवार इंतजार किए बिना उन्हें बाइक पर ले गया। - डा. विजय दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल यमुनानगर।
हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। पुलिस ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। मामले में पुलिस ने चालक के खिलाफ केस दर्जकर लिया है। ट्रक को कब्जे में ले लिया है। नंबर के आधार पर चालक की तलाश जारी है। जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - मुकेश कुमार, एसएचओ, थाना शहर जगाधरी।