यूटी प्रशासन केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) के निर्देशों को भी नहीं मानता है। एमएचए के निर्देशों के प्रति प्रशासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साढ़े तीन महीने से स्टैंडिंग कमेटी की बैठक नहीं हुई है। जबकि , एमएचए ने प्रशासन से हर माह स्थानीय सांसद पवन कुमार बंसल के साथ बैठक करने को कहा था।
स्टैंडिंग कमेटी की पहली बैठक 29 जुलाई को हुई थी और इसके बाद से न तो अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में बैठक हो सकी है और न ही नवंबर में बैठक अभी तक निर्धारित की गई है। प्रशासन की सुस्ती का आलम यह है कि साढ़े तीन महीनों में वह बैठक के मिनट्स तक तैयार नहीं कर सका है।
एमएचए के निर्देश पर स्टैंडिंग कमेटी की पहली बैठक 29 जुलाई को यूटी सचिवालय में हुई थी। इसमें शहर से जुड़े करीब एक दर्जन मुद्दों पर चर्चा हुई थी। बैठक में प्रशासन ने इन मुद्दों के स्टेटस के बारे में सांसद को बताया था। सांसद ने एमएचए में लंबित मामलों को क्लीयर कराने का आश्वासन दिया था।
हालांकि, साढ़े तीन महीने के बाद भी अधिकांश मुद्दों का स्टेटस पहले जैसा ही है। बैठक में भी सांसद ने प्रशासन के अधिकारियों से चंडीगढ़ में लंबे समय से रह रहे लोगों के लिए नई आवासीय योजना लॉन्च करने के लिए कहा था। अभी तक इस योजना पर प्रशासन या सीएचबी ने विचार तक नहीं किया। इस बैठक के मिनट्स तैयार नहीं होने से न तो अगली बैठक की तिथि तय हो पा रही है और न ही उसका एजेंडा।
बैठक की तारीख प्रशासन को ही बंसल से पूछ कर तय करनी है। बंसल स्टैंडिंग कमेटी की दूसरी बैठक में उद्योगपतियों और व्यापारियों की दिक्कतों के साथ ही ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखना चाहते हैं।
पिछली बैठक के नहीं मिले मिनट्स
इस संबंध में जब पवन कुमार बंसल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक पिछली बैठक के मिनट्स नहीं मिले हैं। वह चाहते हैं कि स्टैंडिंग कमेटी की दूसरी बैठक जल्द बुलाई जाए।