कांग्रेस ने प्रदेश में अपने पांव मजबूत करने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। पीपीसीसी ने अब दिल्ली से आए कांग्रेस के नए फार्मूले और नियमों को लागू करना शुरू कर दिया है। इसके तहत कांग्रेस को ब्लॉक स्तर पर मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही बैठकों का पूरा रिकार्ड भी रखा जाएगा। किन जन समस्याओं को जोरदार ढंग से उठाया जा सकता है उसके बारे में मंथन किया जाएगा।
पीपीसीसी प्रधान प्रताप बाजवा ने शनिवार को जालंधर में इसकी शुरूआत की। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के मीडिया कोआर्डिनेटर वरिंदर शर्मा भी थे। बाजवा ने कहा कि अब जिला कांग्रेस कमेटी को माह के पहले शनिवार को जिलास्तर की बैठक रखनी होगी। इसमें कौन-कौन पदाधिकारी शरीक हुए और कान नहीं इसका ब्योरा रखा जाए। दूसरे शनिवार को ब्लॉकस्तर की बैठक रखी जाएगी।
बाजवा ने कहा कि तीन बार लगातार अगर कोई पदाधिकारी शरीक नहीं होता है तो उसका नाम डिलीट कर दिया जाएगा। इस दौरान सांसद चौधरी संतोख सिंह, बावा हेनरी, बब्बू नीलकंठ, राजेश भट्टी, जिला प्रधान राजिंदर बेरी, देहाती प्रधान जगबीर बराड़, पूर्व सांसद मोहिंदर केपी, मनोज अरोड़ा समेत कई कांग्रेसी नेता शरीक हुए।
बाजवा ने कहा कि पंजाब की गठबंधन सरकार ने इंडस्ट्री के विशेष पैकेज के लिए अपनी अपील मोदी सरकार के पास दाखिल की थी। इसे खारिज कर दिया गया है। अब प्रदेश भाजपा को अपना स्टैंड क्लीयर करना चाहिए कि वह पंजाब की इंडस्ट्री के साथ हैं या नेशनल भाजपा लीडरशिप का समर्थन करती हैं।
उन्होंने कहा कि 2017 में कांग्रेस सत्ता में आएगी और आते ही ऐसा कानून बनाया जाएगा कि अल्पसंख्यकों व दलितों के लिए केंद्र से आए पैसे को किसी अन्य स्थान पर खर्च न किया जाए। यदि कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाए।