हरियाणा में टोल टैक्स की दरें घटने का रास्ता आज साफ हो गया। मुख्यमंत्री हुड्डा ने वीरवार को चंडीगढ़ में नेशनल हाईवे अथारिटी के साथ बैठक में इस प्रस्ताव को सहमति दे दी।
हरियाणा सरकार ने एनएचएआई को टोल घटाने के बारे में कह दिया है, वहीं एनएचएआई ने सरकार से कहा है कि, दरें जितना कम कराना चाहते हैं, एनएचएआई को दे दें। इस मामले में सीएम ने कहा, दोबारा मीटिंग होगी जिसमें यह निर्णय लिया जाएगा कि कितना कम करना है।
गौर हो कि राज्य में जितने भी नेशनल हाईवे फोरलेन या सिक्स लेन बन रहे हैं, उन पर टोल टैक्स लगाया जा रहा है। इससे प्रदेश की जनता परेशान हो रही है। जहां टोल प्लाजा लगता है, उसके आसपास के गांव और शहरवासी सबसे ज्यादा दिक्कत झेल रहे हैं। पिछले दिनों पानीपत से रोहतक तक नेशनल हाईवे फोरलेन बनाया गया है।
इस पर दो जगह टोल प्लाजा स्थापित किए गए हैं। इन पर टोल दर भी काफी ज्यादा है जो सब वाहन चालकों को चुभती है। इस मार्ग के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने टोल प्लाजा के खिलाफ धरना भी दिया था।
टोल प्लाजा के आसपास के लोगों ने हरियाणा सरकार के पास आवेदन किया है कि आसपास के गांवों के बाशिंदों को टोल टैक्स से छूट दी जाए। मुख्यमंत्री ने टोल दर की रेशनलाइजेशन नीति बनाने के लिए बैठक बुला ली है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस बैठक में टोल टैक्स बैरियर के साथ लगते क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की तरफ से टोल दर की रेशनलाइजेशन नीति बनाई जाएगी। प्रवक्ता ने बताया कि टोल टैक्स नीति बनाने के लिए काफी संख्या में आवेदन मिले हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और हरियाणा लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) के अधिकारी उपस्थित रहेगे। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार को टोल दरों की रेशनलाइजेशन के लिए विशेषत: टोल टैक्स बैरियर के साथ लगते क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। लोगों ने निवेदन किया है कि उन्हें प्रतिदिन कार्य करने के लिए टोल टैक्स बैरियर से छूट दी जाए।