अकाल तख्त पर बैठक करते पांच तख्तों के जत्थेदार
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श्री अकाल तख्त साहिब पर सोमवार को पांचों तख्तों के जत्थेदारों की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने की। बैठक में लिए फैसले के बाद सुखबीर सिंह बादल की दिक्कतें बढ़ गईं। उन्हें अकाली दल के बागी गुट के माफीनामे को आधार मानते हुए 15 दिन में पक्ष रखने का समय दिया है। सभी तख्तों के जत्थेदारों ने आदेश दिया कि 15 दिन में सुखबीर बादल खुद श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हों और अपना पक्ष रखें। उन्हें डेरा प्रमुख राम रहीम का पक्ष लेने, एसजीपीसी की ओर से शिरोमणि अकाली दल के 90 लाख के विज्ञापन जारी करवाने और बेअदबी मामलों समेत सभी आरोपों पर अपना पक्ष रखना होगा।
इस बैठक में गुरुद्वारों में होने वाली बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए भी निर्णय लिया गया। इससे पहले पंथ के नियमों के उलट चलने वालों को सजाएं भी सुनाई गईं। इनमें पटना साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह को धार्मिक सजा सुनाई गई।
पूर्व जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह को धार्मिक सजा
पांच सिंह साहिब ने तख्त पटना साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह को पंथक गलतियां करने के आरोपों में सजा सुनाई। ज्ञानी इकबाल सिंह 11 दिन रोज जूठे बर्तन साफ करेंगे। हर रोज पाठ सुनेंगे और 500 रुपये का कड़ाह प्रसाद की देग चढ़ाएंगे। इसी तरह जम्मू-कश्मीर के पंथ से निष्कासित किए गए रागी दर्शन सिंह से कीर्तन करवाने वाले पांच प्रबंधकों को भी तलब किया गया था, जिन्होंने अपनी गलती पांच सिंह साहिब के समक्ष स्वीकार करने से इंकार कर दिया। इस मामले में पांच सिंह साहिब दोबारा विचार चर्चा करेंगे।