वहां स्थानीय अफसरों और यूनियन नेताओं के साथ बैठकर घाटे की समीक्षा कर कारणों की जमीनी हकीकत जानेंगे। एक हफ्ते में दो रोडवेज डिपो कवर किए जाएंगे और समीक्षा रिपोर्ट हर डिपोवाइज तैयार कर अतिरिक्त मुख्य सचिव को सौंपी जाएगी। बैठक में हर साल बेडे़ में दो हजार बसों को बढ़ाते हुए प्रदेश में सरकारी बसों की संख्या प्रदेश की आबादी के अनुरूप करीब 14 हजार करने का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। इस अवसर पर कुल 34 सूत्रीय मांग पत्र पर चर्चा की गई।
इन मुद्दों पर बनी सहमति
- करीब 1100 हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा के तहत केस व अन्य कार्यवाहियों को वापस लेने संबंधी फाइल को आखिरी निर्णय लिए सीएम को भेज दिया गया है।
- रोडवेज की कर्मशालाओं में कार्यरत 57 कर्मचारियों को हेड मैकेनिक से प्रोमोट कर एसएसआई बनाया जाएगा।
- विभाग के 21 ड्राइवरों को पदोन्नत कर यार्ड मास्टर बनाया जाएगा।
- प्रदेश में रोडवेज विभाग के खाली पड़े उप निरीक्षक व निरीक्षक के करीब 400 पदों को जल्द भरा जाएगा।