बैठक में उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री आशुतोष टंडन, राजस्थान के शहरी विकास मंत्री शांति के धारीवाल व दिल्ली के शहरी विकास एवं लोक निर्माण मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी भाग लिया। बैठक में केंद्र व संबंधित राज्यों के विभिन्न उच्चाधिकारी भी मौजूद हैं।
बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि दिल्ली से हिसार तक तीव्र गति रेलमार्ग भी विकसित किया जाएगा। कुंडली-मानेसर पलवल एक्सप्रेस वे के साथ सामानांतर रूप से आर्बिटल रेल प्रणाली विकसित किए जाने के लिए डीपीआर तैयार की जा चुकी है। उनके अनुसार इस बैठक में वन क्षेत्रों को परिभाषित किए जाने के लिए एक समिति गठित किए जाने का निर्णय लिया गया है। अरावली व पहाड़ियों के संदर्भ में भी एक समिति गठित होगी।
राष्ट्रीय राजमार्गों व एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे में वृद्धि को लेकर किसानों की मांग के प्रश्न पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मुआवजा दरों को रिवाइज कर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को प्रेषित किया जा चुका है। केंद्र द्वारा ही रिवाइज की गई दरों की स्वीकृत किया जाना है। पहले से पारित मुआवजों का लगभग 80 प्रतिशत वितरण किया जा चुका है।