सिटी के होटलों की महफिल अब शोरगुल से दूर हो गई है। महफिलें जमती हैं, पर पुराने गीत और गजलों की। यहां जिनकी आवाज में लोग खो जाते हैं, वह वे गायक हैं, जो नाम होते हुए भी गुमनाम हैं। इन गायकों में से कोई मोहम्मद रफी के गीत गाता है तो कोई जगजीत सिंह की गजलें। होटलों में दो से चार घंटे तक महफिल जमाने वाले यह गायक बीस से चालीस हजार रुपये महीना कमा रहे हैं। कौन-सा गायक कहां जमा रहा है महफिल...आइए देखते हैं...
किरन कुमार- होटल गजल पंचकूला सेक्टर-5
किरन कुमार ने मनीमाजरा में एक म्यूजिक केंद्र से संगीत की ट्रेनिंग ली। उसके बाद प्राचीन कला केंद्र से म्यूजिक में बीए की डिग्री ली। किरण किशोर कुमार, जगजीत सिंह, गुलाम अली और पंकज उधास के गीत गाते हैं। वह चंडीमंदिर के आर्मी क्लब में भी परफॉर्म करते हैं। अजीविका के लिए वे ट्यूशन करते हैं। वे कहते हैं कि मुझे बचपन से ही संगीत से बहुत प्यार है। मैंने प्राचीन कला केंद्र और म्यूजिक सेंटर में काफी कुछ सीखा है। संगीत के लिए रोजाना अभ्यास करना जरूरी है। बिना अभ्यास के सुर नहीं सजाए जा सकते।
राजकुमार- होटल जेडब्ल्यू मैरिएट का सैफरान रेस्टोरेंट
राजकुमार के प्रेरणा-स्रोत किशोर कुमार और मोहम्मद रफी हैं। उन्होंने प्राचीन कला केंद्र से संगीत की शिक्षा हासिल की। उन्होंने म्यूजिक से डबल एमए किया। चितकारा इंटरनेशनल स्कूल में म्यूजिक टीचर की जॉब मिली। कुछ समय बाद यहां से जॉब छोड़ दी। इसके बाद होटल जेडब्ल्यू मैरिएट में जॉब शुरू की। राजकुमार सिंगापुर, इटली, दुबई, मलेशिया, ओमान और बहरीन में भी प्रस्तुति दे चुके हैं। वे कहते हैं कि आपमें प्रतिभा है तो कहीं भी पहुंच सकते हैं। एक मंच तो मिलना चाहिए। सिटी के होटलों और क्लबों ने यह मंच दिया है। यह उभरते गायकों के लिए अच्छा मौका है।
कमलकिशोर- होटल बार्बी क्यू, माया और चंडीगढ़ क्लब
कमल किशोर का परिवार बचपन से ही बैंड से जुड़ा है। उनके पिता डी प्रसाद ने सिटी का पहला बैंड वॉयस रायस स्थापित किया था। उनका कार्यालय सेक्टर-18 में था। पिता से ही कमलकिशोर ने ट्रेनिंग हासिल की। पिता डी प्रसाद भी होटल जीके इंटरनेशनल में परफॉर्म करते हैं। कमलकिशोर सुबह के समय सॉपिंस स्कूल मोहाली में शिक्षा देते हैं। वह कहते हैं कि मैं होटल में गाता हूं तो लोगों की डिमांड खूब आती है। चंडीगढ़ में पुराने गीत सुनने वाले काफी लोग हैं। ज्यादातर डिमांड मोहम्मद रफी और किशोर कुमार के गीतों की रहती है।
संजीव सूद- होटल वेस्टर्न कोर्ट सेक्टर-43
प्राचीन कला केंद्र में वोकलिस्ट विनोद सूद से संगीत की शिक्षा लेने के बाद संजीव सूद 2010 में सारेगामापा के लिए सेलेक्ट हुए। 2008 में रेडियो में सेलेक्ट किए गए। 2010 में यादगार ए रफी सोसायटी की ओर से रफी अवार्ड दिया गया। उन्हें यह अवार्ड गायक भूपेंद्र और उनकी पत्नी मिताली ने प्रदान किया। संजीव सूद ने लता मंगेशकर नाइट में भी पहला इनाम जीता था। संजीव सूद प्ले वे स्मार्ट स्कूल में म्यूजिक की शिक्षा देते हैं। वे कहते हैं कि चंडीगढ़ के होटलों में कला के कद्रदान खूब आते हैं। यह अच्छी बात है कि सिटी के टैलेंट्स को होटलों ने जगह दी है।