आइए हम आपको मिलाते हैं, एक ऐसे ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी से, जिसका ट्रैफिक अवेयरनेस का ढंग अनोखा है।
छल्ला पिंड तों आया, घर देयां पढ़न घलाया, डेरा पीजी च लाया, छल्ले ने नवां बुलट कढ़ाया, गेड़ी चंडीगढ़ लाउंदा, न सिर ते हेलमेट पाउंदा...। ये गीत लिखा है चंडीगढ़ पुलिस के हेड कांस्टेबल भूपिंदर सिंह ने। इसे लिखने का मकसद युवाओं को ट्रैफिक रूल्स के प्रति अवेयर करना है। भूपिंदर इससे पहले भी ट्रैफिक अवेयरनेस पर गीत गा चुके हैं। उनके गीत यूट्यूब पर भी सुने जा सकते हैं। इस प्रयास के लिए आईजी उन्हें सम्मानित भी कर चुके हैं।
स्कूल टाइम से गा रहे गीत
भूपिंदर सिंह ने बताया कि गीत लिखने और गाने का शौक उन्हें बचपन से है। वे स्कूल टाइम से ही गीत गाया करते थे। इसी शौक को जारी रखते हुए उन्होंने आर्केस्ट्रा में भी काफी समय तक काम किया। इस दौरान वे पंजाब, चंडीगढ़ और आसपास के कई शहरों में गए। मूलरूप से गुरदासपुर पंजाब के रहने वाले भूपिंदर 1987 में चंडीगढ़ पुलिस में भर्ती हुए। ड्यूटी के साथ ही उन्होंने अपनी गायकी के शौक को भी जिंदा रखा। इससे पहले उनका एक गीत यूट्यूब पर काफी हिट हो चुका है। उसके बोल हैं- नित चालान कटाउंदा है, सिर ते हेलमेट पा लिया कर, मेरा हेयर स्टाइल खराब
हो जाऊ जे मैं हेलमेट पा लिया ते...।
भूपिंदर के अनुसार, जब भी युवाओं को बिना हेलमेट पहने वह रोकते हैं तो युवकों का यहीं कहना होता है कि अगर वे हेलमेट पहनेंगे तो उनके बाल और लुक खराब हो जाएगी। ऐसे कई मामले सामने आने पर उन्होंने इस पर गीत लिखा। ताकि, इसके माध्यम से वो बिना हेलमेट पहनने वाले युवाओं को जागरूक कर सकें।
भूपिंदर चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के अवेयरनेस वीक और और इस तरह के अन्य कार्यक्रमों में हर बार इन गीतों को पेश करते हैं। पिछले साल दिसंबर में पुलिस वीक के दौरान उन्होंने टैगोर थिएटर में आयोजित कार्यक्रम में ये गीत पेश किए थे। इस पर आईजी आरपी उपाध्याय ने उन्हें सम्मानित भी किया था।
इक्को ही पैग लाया, चालान कराया...
इन दिनों भूपिंदर एक और गीत लिख रहे हैं। इसके बोल हैं- पुलिस चंडीगढ़ दी, चालान बड़े करदी, रात दे नाके, पैण धमाके, करन बंद गड़िया, रोंदियां नड्डियां, पार्टी कीती, थोड़ी जेही पीती, इक्को ही पैग लाया चालान कराया...। वे इसे बहुत जल्द पूरा कर इसकी रिकार्डिंग करवाएंगे। इससे पहले भी उनके कई गीत रेडियो पर चल चुके हैं।
डिपार्टमेंट सहयोग करे तो वीडियो भी बनाएंगे
हेड कांस्टेबल भूपिंदर सिंह के अनुसार, अब तक उन्होंने केवल ऑडियो गीत ही रिकॉर्ड किए हैं। वे उन्हें यूट्यूब पर भी अपलोड कर चुके हैं। उनके अनुसार इन गीतों को काफी लाइक भी मिले हैं। अब तक वे लगभग 15 गीत लिख चुके हैं। भूपिंदर के अनुसार वे इन गीतों के वीडियो भी बनाना चाहते हैं, लेकिन उसके लिए काफी पैसा चाहिए।
अगर डिपार्टमेंट मदद करे तो वो वीडियो भी बना सकते हैं। ऑडियो गीत रिकॉर्ड करवाने में उनके अब तक 20 से 25 हजार रुपये तक खर्च हो चुके हैं। फिलहाल इन गीतों के वीडियो बनवाना उनकी सामर्थ्य से बाहर है।