फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट से शारीरिक दक्षता पास करने वाले खिलाड़ियों को इस बार नहीं बख्शा जाएगा। स्पोर्ट्स फिजिकल एक्सरसाइज इवेल्यूएशन एंड डवेलपमेंट (स्पीड) टेस्ट में इस बार चयनित होने वाले खिलाड़ियों को शारीरिक परीक्षा के साथ माइंड टेस्ट ही नहीं, मेडिकल टेस्ट से भी गुजरना पड़ेगा।
इसका लक्ष्य खिलाड़ियों की मेडिकल जांच के साथ-साथ उम्र की भी जांच करना होगा। स्पीड के 4 साल के इतिहास में पहली बार चयनित खिलाड़ियों को मेडिकल टेस्ट से गुजरना पड़ेगा। अधिकारियों की मानें तो बार -बार आ रही जन्मतिथि की शिकायतों के चलते ही ऐसा निर्णय लिया गया है।
इस बार स्पीड टेस्ट के तहत स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट ने नए मानक बनाते हुए कई परिवर्तन किए हैं। इसी के चलते अंतिम प्रकिया में स्किल टेस्ट जरूरी किया गया था, वहीं सही उम्र व मेडिकल जांच के लिए चयनियत खिलाड़ियों की इस बार मेडिकल टेस्ट लेने का भी निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि अब तक स्पीड के लिए चयनित खिलाड़ियों का मेडिकल टेस्ट नहीं लिया जाता था।