चंडीगढ़। पेरिस ओलंपिक में रविवार को 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट के फाइनल में कांस्य पदक जीतकर डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ की छात्रा व देश की स्टार निशानेबाज मनु भाकर ने इतिहास रच दिया। मनु ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बन गईं। उनके पदक जीतते ही डीएवी कॉलेज में ढोल बजने लगे। शिक्षकों व छात्रों ने डांस कर इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाया।
निशानेबाज मनु भाकर डीएवी कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मास कम्यूनिकेशन (पीजीडीएमसी) का कोर्स कर रहीं हैं। मनु भाकर की तैयारी को देखते हुए इस बार चंडीगढ़ ही नहीं पूरे देश को उनसे पेरिस ओलंपिक में पदक की आस थी। इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन के जज और कॉलेज के शूटिंग कोच डॉ. अमनेंद्र मान ने खुशी जताते हुए कहा कि मनु भाकर ने पेरिस जाने से पहले मुझसे वादा किया था कि इस बार ओलंपिक पदक जीतकर ही देश लौटूंगी। कहा कि मनु ने अपना वादा पूरा किया।
कोच ने कहा कि मनु ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। वह सिर्फ 0.1 पॉइंट से रजत पदक जीतने से चूकी। पेरिस ओलंपिक में देश के लिए पहला मेडल लाकर उसने पेरिस में भारत का ही नहीं चंडीगढ़ का भी नाम रोशन किया है। कोच ने कहा कि पेरिस से लौटने पर डीएवी कॉलेज में मनु का जोरदार स्वागत व सम्मान किया जाएगा। कॉलेज की प्राचार्य रीटा जैन और डीएसडब्लयू पूर्णिमा सहगल ने भी मनु भाकर की इस उपलब्धि पर खुशी जताई और कहा कि हमें अपनी छात्रा पर गर्व है। उसने देश के साथ चंडीगढ़ का नाम भी पूरी दुनिया में रोशन कर दिया है। इस दौरान कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने ढोल की थाप पर डांस कर ओलंपिक में पहला पदक जीतने की खुशी मनाई। कॉलेज की प्राचार्य और स्टाफ भी जश्न में शामिल हुआ। शहर के कई अन्य इलाकों में भी लोगों ने इस जीत का जश्न मनाया।