पिछले एक महीने से दूषित पानी की आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे लोगों की आवाज को दबाने के लिए सोसाइटी सदस्यों की कोशिश नाकाम रही।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) ने एमडीसी सेक्टर-पांच स्थित जीएच-1 को हुडा की धारा-17 (चार) के तहत रिज्यूम कर लिया।
इस सोसाइटी में कुल 312 फ्लैट्स हैं, जिनमें करीब 135 घरों में नियमों की अनदेखी कर अतिक्रमण किए गए हैं। रिज्यूम करने के आदेश के बाद जल्द ही एविक्शन (खाली करने के लिए कहना) के आदेश दिए जाएंगे।
इसके बाद भी अगर नियमों की अनदेखी हुई तो बिजली की आपूर्ति भी बंद की जा सकती है। इससे पहले वर्ष 2006 में भी सोसाइटी को नोटिस भेजकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे।
मामले को दबाने में जुटा था एक धड़ा
हुडा कर्मियों के लिए बनी इस सोसाइटी में पिछले कई वर्षों से नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थी। इसी बीच दूषित पानी की आपूर्ति से यहां टायफायड का कहर फैल गया।
पानी की गड़बड़ाई सप्लाई की की शिकायत व अतिक्रमण का मुद्दा उठने के बाद सोसाइटी के अंदर का ही एक धड़ा इस मामले को लगातार दबाने की कोशिश में जुटा रहा, ताकि किसी तरह अतिक्रमण का मामला बाहर नहीं आ सके।
दूषित पानी से हो चुकी है बच्ची की मौत
इसी सोसाइटी में दूषित पानी की चपेट में आने से एक बच्ची की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग बीमार हो गए थे। इसके बाद पानी के सैंपल की भी जांच कराई गई थी और हुडा ने सोसाइटी को नोटिस भी भेजा था, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई थी।
ऐसे हुआ है अतिक्रमण
कुछ घरों में ग्लेज लगाकर, जगह का अतिक्रमण किया गया। नक्शे के मुताबिक तैयार टॉयलेट को तोड़कर घरों के बाहर बालकनी में शिफ्ट कर दिया गया। बाहर के टॉयलेट्स के लिए अलग पाइपलाइन निकाली गई। माना जा रहा है कि दूषित पानी के लिए इसी टॉयलेट से निकलने वाली पाइपलाइनें सबसे बड़ा कारण है। कुछ घरों में ब्यूटी पार्लर और दूसरी कॉमर्शियल गतिविधियां भी चलाई जा रही हैं।
शिकायत के बाद लगाए गए डोजर
शिकायत दिए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से सैंपल की जांच कराई गई। इनमें से तीन सैंपल फेल हो गए। इसके बाद विभागीय अधिकारियों के कहने पर सोसाइटी की टंकियां साफ कराई गई और उचित मात्रा में पानी में क्लोरीन डालने के लिए डोजर भी लगाए गए।