चंडीगढ़। शहर में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार पर मेयर सौरभ जोशी ने नगर निगम के इंजीनियरिंग विंग को सख्त संदेश दिया है। सोमवार को करीब पांच घंटे चली समीक्षा बैठक में पहली बार जनरल हाउस और वित्त एवं अनुबंध समिति (फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी) से मंजूर सभी एजेंडों और एस्टीमेट की एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) की बिंदुवार समीक्षा की गई। पांच महीने से लंबित परियोजनाओं पर नाराजगी जताते हुए मेयर ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सभी स्वीकृत, आवंटित और निर्माणाधीन विकास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय अरोड़ा सहित इंजीनियरिंग विंग के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न सेक्टरों और वार्डों के विकास कार्यों, लंबित टेंडरों, आवंटन की प्रतीक्षा कर रही परियोजनाओं और नई योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
परियोजनाएं फाइलों में अटकीं तो अफसरों को देना होगा जवाब
मेयर ने दो टूक कहा कि जनरल हाउस और वित्त एवं अनुबंध समिति से मंजूरी मिलने के बाद भी यदि परियोजनाएं फाइलों में अटकी रहती हैं तो संबंधित अधिकारियों को जवाब देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक सप्ताह में मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर हर परियोजना की स्थिति का आकलन किया जाएगा और जहां अनावश्यक देरी पाई गई, वहां जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में इन विकास कार्यों की भी समीक्षा
बैठक में सड़क, पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज, पार्क, सामुदायिक केंद्र भवन और मार्केट से जुड़े विकास कार्यों की भी समीक्षा हुई। मेयर ने सभी लंबित परियोजनाओं के लिए समयसीमा तय करने, टेंडर और आवंटन प्रक्रिया में तेजी लाने तथा नियमित फील्ड निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।