चंडीगढ़। शहर में लंबित पड़े कार्यों की जानकारी लेने के लिए मेयर राजबाला मलिक ने वीरवार को सभी पार्षदों और चीफ आर्किटेक्ट के साथ चर्चा की। इस अवसर पर नगर निगम कमिश्नर केके यादव, चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया, सीनियर डिप्टी मेयर रविकांत शर्मा, डिप्टी मेयर जगतार सिंह के अलावा पार्षदों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
मेयर ने कहा कि यह बैठक शहर के विकास के लिए बुलाई गई है। उन्होंने चीफ आर्किटेक्ट के साथ चर्चा की और इसके साथ ही पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड में पेंडिंग कार्यों के बारे में बात कीं। यहां मल्टीलेवल पार्किंग, वेरका बूथ, सिटी मैप बोर्ड, कम्युनिटी सेंटरों के निर्माण, बस क्यू शेल्टर विकसित करने, राउंड अबाउट्स और हाउस इंडिकेटर के बारे में भी चर्चा हुई। रॉक गार्डन में पब्लिक टॉयलेट के निर्माण के अलावा किशनगढ़ भगवानपुरा में बोरबेल के प्रोविजन पर भी चर्चा की गई। सेक्टर-20 में पार्किंग एरिया, स्लम एरिया में टायलेट निर्माण और सब-वे में बारिश के दौरान पानी भर जाने के कारण वहां पर पुराने पाइप की जगह नए लगाने, सेक्टर-17 और 22 को कनेक्ट करनेवाली सब-वे में एस्केलेटर लगाने की मांग भी उठी। मेयर ने कहा कि शहर के लिए बेहतर प्लान बनाए जाएं ताकि लोगों को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि सेक्टर-17 और 22 को जोड़ने वाले सब-वे में एस्केलेटर लगाया जाएगा, जिससे लोगों को दोनों ओर जाने में सुविधा होगी। इस संबंधी सीनियर डिप्टी मेयर और एरिया पार्षद रविकांत शर्मा ने भी मांग उठाई थी। इस पर नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को कहा कि चीफ आर्किटेक्ट के साथ मिलकर इसका प्रस्ताव लाएं और इस पर काम करें। रविकांत शर्मा ने कहा कि सेक्टर-22 से बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी सेक्टर-17 मेें विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं और सेक्टर-22 में करीब 1400 सरकारी मकान हैं। इस अंडरपास से सीनियर सिटीजन, गर्भवती महिलाएं और सरकारी कर्मचारी गुजरते हैं, इसलिए एस्केलेटर लग जाने पर लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।