कांग्रेसी पार्षद मुकेश बस्सी की एक चिट्ठी ने मेयर और नगर निगम के अधिकारियों के मौके पर पहुंचने को मजबूर कर दिया।
बस्सी ने वीरवार को अपने वार्ड में नई बनी सड़क के सप्ताह भर में ही टूटने के मामले की विजीलेंस जांच करवाने के लिए प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा को लिखित शिकायत भेजी थी।
बस्सी ने शिकायत में लिखा था कि सेक्टर-19 सी की मार्केट में सप्ताह पहले ही सड़क बनी थी और अब वह उखड़ने भी लगी है। बस्सी की इस चिट्ठी का इतना असर हुआ कि मेयर खुद अन्य अफसरों के साथ सेक्टर-19 की सड़क का मुआयना करने पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने मार्केट के व्यापारियों की शिकायतें भी सुनी।
दुकानदारों के रोष जताने पर मेयर ने फौरन सड़क को ठीक करवाने के आदेश दिए। इस दौरान बस्सी भी मौके पर पहुंचे। उनके अलावा रोड कमेटी के चेयरमैन सतप्रकाश अग्रवाल, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर मुकेश आनंद और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
विजीलेंस जांच की जरूरत नहीं: मेयर
मेयर सुभाष चावला ने मौके का मुआयना करने के बाद कहा कि सड़क बनाने में लापरवाही तो बरती गई है, लेकिन इसकी विजीलेंस जांच करवाना उचित नहीं है। मेयर ने कहा कि सड़क बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल नहीं हुआ है, बल्कि यहां कई हिस्सों पर अच्छी तरह से रोलर नहीं फिराया गया। वहीं, सड़क पर जिन जगहों पर पेड़ लगे थे, वहां भी सही तरह से सामग्री नहीं भरी गई, जिस कारण सड़क टिक नहीं सकी। मेयर ने कांट्रेक्टर को आदेश दिया कि सड़क पर एक लेयर और डाली जाए।
कोट
मेयर के साथ मौके पर मैं भी मौजूद था। मेयर ने मान लिया है कि सड़क बनाने में लापरवाही बरती गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शनिवार से ही दोबारा रिकारपेटिंग शुरू की जाए। अगर, दोबारा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी हुई तो फिर संघर्ष किया जाएगा।
मुकेश बस्सी, पार्षद