चंडीगढ़ का पहला मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ) 11 जून से शुरू हो जाएगा। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर इसका उद्घाटन करेंगे। यहां लगभग 150 गाड़ियां कचरा लेकर जाएंगी। माह के अंत तक इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एमआरएफ शुरू हो जाएगा। वहीं, जुलाई में डड्डूमाजरा स्थित एमआरएफ को तैयार करने का लक्ष्य है। बुधवार को आयुक्त केके यादव, संयुक्त आयुक्त सौरभ अरोड़ा और एमओएच डॉ. एपी सिंह से एमआरएफ का निरीक्षण किया।
निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि घर-घर से कचरा उठाने वाली गाड़ियां तीन एमआरएफ पर कचरा लेकर जाएंगी। इन तीन हिस्सों को छह जोन में बांटा गया है। तीनों एमआरएफ में 150 से 200 गाड़ियां कचरा लेकर जाएंगी। अभी तक यह गाड़ियां सीधे डंपिग ग्राउंड या कचरा निस्तारण प्लांट में जाती हैं। इस दौरान वहां गाड़ियों की लंबी कतार लग जाती है। इसके अलावा कचरे की दुर्गंध के साथ धूल भी उड़ती जाती है। एमआरएफ बनने के बाद वाहनों को पूरे शहर का चक्कर नहीं जाना पड़ेगा। इससे ईंधन भी बचेगा। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनाए गए इस प्रोजेक्ट पर लगभग 32 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
कैप्सूलनुमा टैंकर में बंद होकर जाएगा कचरा
मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (कचरा संग्रहण केंद्र) में शहर भर से गाड़ियां कचरा लेकर आएंगी। जहां मशीन के पट्टे पर गीला, सूखा कचरा अलग-अलग डाल दिया जाएगा। गीला कचरा वैसे के वैसा ही पट्टे के माध्यम से आगे जाएगा। मशीन से दबाव डालकर कचरा पूरी तरह सूखा दिया जाएगा। उसके बाद कचरा टैंकरनुमा कैप्सूल में चला जाएगा। वहीं सूखा कचरा पहले पीछे की ओर जाएगा। वहां उपयोग होने वाले सामान अथवा कबाड़ को अलग कर लिया जाएगा। जो बाद में बेचा जा सकेगा। यह कचरा फिर से अलग-अलग हो जाएगा। उसके बाद टैंकर में भेजा जाएगा। बड़ी गाड़ियों के माध्यम से इन कैप्सूल को कचरा निस्तारण प्लांट में भेजा जाएगा। जहां पर कचरे का निस्तारण होगा।
घर-घर से कचरा उठाने वाले कर्मचारी होंगे तैनात
तीनों एमआरएफ बनने के बाद गाड़ियों की जोन के हिसाब से सूची तैयार होगी। एमआरएफ के नजदीक वाले क्षेत्रों की गाड़ियां वहां जाकर कचरा डालेंगी। वहीं घर-घर से कचरा उठाने वाले जो कर्मचारी गाड़ियों पर नहीं लग पाए हैं, उन्हें एमआरएफ में लगाया जाएगा। जो कचरा अलग-अलग करने का काम करेंगे।
स्काडा में पता चल जाएगा गाड़ियों की कार्यक्षमता
जुलाई तक स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत स्काडा सिस्टम भी शुरू हो जाएगा। इसमें गाड़ियों की लोकेशन के साथ ही कितना कचरा उठा, यह भी पता चल जाएगा। किसी क्षेत्र में कोई गाड़ी नहीं पहुंची तो स्काडा सिस्टम पर तत्काल पता चल जाएगा और उसकी जगह दूसरी गाड़ी को भेजा जाएगा। पेट्रोल के लिए निगम ने गाड़ियों के टैंक पर पहले ही चिप लगा दी है। इससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ जाएगी।
थ्री बीआआरडी के एमआरएफ का उद्घाटन करवाया जा रहा है। यह बड़ा प्रोजेक्ट है। इससे लोगों को काफी मदद मिलेगी। -केके यादव, निगम आयुक्त