कांग्रेस के सांसदों से मुलाकात करते सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह।
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पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह को खत्म करने के लिए उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट पर अभी आलाकमान ने अपना फैसला सुनाना है। वहीं, चुनाव नजदीक होने के चलते और परिस्थितियां अपने पक्ष में करने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर भी पहले से ज्यादा सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने जनता से जुड़े कार्यों में तेजी लाते हुए अफसरशाही को मुस्तैद कर दिया है। साथ ही गिले-शिकवे दूर करने के लिए पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं।
मंगलवार रात कैप्टन ने पांच कांग्रेस सांसदों से मुलाकात की और उनके साथ आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयार की जा रही रणनीति पर चर्चा की। कैप्टन की इस रणनीति की दो वजह बताई जा रही हैं। एक तो सांसदों और विधायकों से चुनावी तैयारी पर चर्चा और दूसरा शक्ति प्रदर्शन की नौबत आई तो आलाकमान के सामने अपनी राजनीतिक ताकत दिखा सकें। आलाकमान यह बात स्पष्ट कर चुका है कि 2022 के पंजाब विधानसभा के चुनाव कैप्टन के नेतृत्व में ही लड़े जाएंगे, लेकिन नाराज नेताओं को अनदेखा नहीं किया जाएगा। ऐसे में कैप्टन ने अपने दो खास सिपहसलारों को नाराज खेमे के नेताओं से बातचीत करने का काम सौंपा है। नाराज नेताओं में से जो भी कैप्टन से मिलना चाहेंगे, कैप्टन तुरंत उन्हें समय देंगे और उनकी पूरी बात सुनकर उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश करेंगे।
कैप्टन से मिले पंजाब के कांग्रेस सांसद
पंजाब के कांग्रेस सांसदों ने बुधवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की। पटियाला से सांसद परनीत कौर, खडूर साहिब से सांसद जसबीर सिंह गिल, जालंधर से सांसद संतोख सिंह, फतेहगढ़ साहिब से सांसद डॉ. अमर सिंह और फरीदकोट से सांसद मुहम्मद सदीक मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। इन सभी नेताओं ने कहा कि वह विधानसभा चुनाव की रणनीति संबंधी विचार-विमर्श करने आए थे और पंजाब निवासी सिर्फ और सिर्फ कैप्टन को ही अगली बार अपना मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं।