उन्होंने दुकानदारों को निर्देश देकर कहा कि कोई घर प्रसाद ले जाना चाहे तो उसे आप प्रसाद दे सकते हैं। मंदिर में प्रसाद नहीं चढ़ाया जाएगा। वहीं मंदिर में सभी को सावधानी पूर्वक दर्शन करने आना होगा। मंदिर कमेटी की ओर से कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए लंगर नहीं चलाया जाएगा।
दर्शन कर बहुत शांति मिली
कोरोना के कारण लॉकडाउन था। इसलिए तीन महीने दर्शन नहीं कर पाए। माता का दर्शन करने के बाद बहुत शांति मिली है। मैने ऑनलाइन अप्लाई किया था। - गुरूचरण निवासी बलटाना
मंदिर कमेटी बरत रहा सावधानी
मंदिर कमेटी की ओर से सोशल डिस्टेंसिंग की बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है। यह लोगों को कोरोना से बचाने के लिए बेहतरीन कदम है। मां के दरबार में दर्शन करने का मौका मिला। यह मेरे लिए बहुत बेहतरीन पल है। दर्शन सैनी निवासी जीरकपुर
तीन महीने बाद मिले दर्शन
दर्शन करने का मौका लॉकडाउन होने के कारण तीन महीने बाद मिला है। दर्शन करने से बहुत शांति मिली है। मैं हर हफ्ते दर्शन के लिए आती हूं। इस बार दर्शन देरी से मिला। प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। विनीता गुप्ता निवासी पंचकूला सेक्टर-16
प्रशासन के इंतजाम बेहतरीन
प्रशासन की ओर से मंदिर में दर्शन के इंतजाम बेहतरीन किए गए हैं। मंदिर में दर्शन करने पर अच्छा लगा। हमें लॉकडाउन के बाद पहली बार दर्शन मिले हैं। किरनदीप कौर निवासी मोहाली
माता से कोरोना खत्म करने की मन्नत मांगी
माता मनसा देवी मंदिर में दर्शन कर मुराद मांगी है कि देश से कोरोना महामारी को खत्म करें। लोगों को कोरोना से लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना से बचाव के लिए लोगों को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। मंदिर में सभी सावधानी बरती जा रही है। -विकास, निवासी चंडीगढ़ सेक्टर -22
मंत्रोच्चारण और नारियल फोड़कर सोमवार दोपहर करीब 2 बजे ट्रायल बेस पर जयकारों के साथ काली माता मंदिर के कपाट खोले गए। मां काली के जयकारों से मंदिर गूंज उठा। लॉकडाउन के कारण पिछले दो माह से मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद था। इस कारण मंदिर के बाहर से ही श्रद्धालु रोजाना सुबह शाम एलसीडी में माता के दर्शन कर रहे थे।
सोमवार को मंदिर को दोपहर बाद ट्रायल बेस पर खोल दिया गया। जिन श्रद्धालुओं ने पहले ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया था उनको दर्शन करवाए गए। पहले दिन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने वाले 132 श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। वहीं देर शाम सिलसिलेवार श्रद्धालु मंदिर में माता के दर्शन के लिए पहुंचते दिखाई दिए।
श्रद्धालुओं की हुई स्क्रीनिंग
इस दौरान जिन श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया था उनकी स्क्रीनिंग कर रजिस्ट्रेशन की जांच की गई। इसके बाद साबुन और सैनिटाइजर से हाथ साफ करवाकर सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर माता के दर्शन करवाए गए। इस दौरान मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने के लिए रेड मैट बिछाए गए थे, जिस पर खड़े होकर श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
पुजारी और मंदिर स्टाफ ने लगाई हुई थी फेस शिल्ड
मंदिर में श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग करने वाले और रजिस्ट्रेशन की जांच करने वाले स्टाफ के सदस्यों समेत मंदिर में तैनात पुजारी ने फेस शिल्ड लगाई हुई थी। मंदिर में एक साइड में कुछ फेस मास्क भी रखे थे जिसके बारे में मंदिर से बताया गया की यदि कोई श्रद्धालु अनजाने में मास्क भूल आता है तो उसके लिए यह मास्क मंदिर प्रशासन द्वारा रखे गए हैं।
सबसे पहले दर्शन करने वाली कालका की शिवानी शर्मा ने मंदिर खोलने पर सरकार और प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वे बहुत खुश हैं कि लंबे अंतराल के बाद मंदिर खुलने पर उनको माता के सबसे पहले दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह बहुत भावुक क्षण है।
वहीं पहली कतार में दर्शन करने पहुंचे आशु गुलाटी और राजीव बंसल ने कहा कि मंदिर में दर्शन करने के दौरान उन्होंने शहरवासियों सहित देशवासियों के लिए सुख समृद्धि की कामना की है, ताकि जल्द कोविड-19 महामारी का अंत हो जाए और सब कुछ पहले की तरह सामान्य हो जाए।
सोमवार को दोपहर दो बजे ट्रायल बेस पर मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। दोपहर तक करीब 132 श्रद्धालुओं की लिस्ट उनके पास आई थी। दोपहर दो बजे से लेकर 2:15 बजे तक के पहले स्लाट में करीब 27 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन आवेदन किया था और वह सभी करीब 8 मिनट में मां के दर्शन कर लौट गए। उन्होंने बताया कि मंगलवार से श्रद्धालु सुबह 6 बजे से रात्रि साढ़े 8 बजे तक माता के दर्शन कर सकते हैं। केवल वही श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने पहुंचे जिन्होंने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया है। - पृथ्वी मित्तल, सचिव काली माता मंदिर