पहले पति देश के लिए शहीद हुआ और अब छोटा बेटा जम्मू में शहीद हो गया। मां का हौंसला देखिए, उसे गम नहीं, ब्लकि गर्व है। विधवा मां सुखबीर कौर की आंखों में बेटे का शव देख भले ही दर्द भरे आंसू थे, लेकिन उन्हें इस बात का फक्र भी था कि आज से उनकी पहचान भी किसी शहीद की मां के रूप में होगी।
यही वजह था कि रविवार को बेटे मनप्रीत सिंह के शव के गांव अवान पहुंचने पर उन्होंने खुद आगे बढ़कर अपने बेटे के जनाजे को कंधा भी दिया। जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में आतंकियों का सामना करते हुए शहीद मनप्रीत सिंह का रविवार को राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। इस बीच सैकड़ों लोगों ने शव यात्रा में शामिल होकर नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।