एक ओर बढ़ते मॉल और दूसरी ओर जनसुविधाओं की कमी से जूझते लोकल मार्केट। ऐसे में सिटी के व्यापारियों के लिए ग्राहकों की किल्लत होने लगी है।
लोकसभा चुनाव के दौरान मैदान में उतरे उम्मीदवारों से उम्मीद लगाए बैठे इन दुकानदारों की समस्या का हल चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम ही कर सकता है, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा। नतीजा मॉल में भीड़ बढ़ रही है और मार्केट से गायब।
चंडीगढ़ के सेक्टर-35 के मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष के अनुसार इस मार्केट की टाइल के बारे में कई बार प्रशासन से ठीक करवाने की गुजारिश की गई पर हुआ कुछ नहीं। मार्केट के ट्वायलेट्स टूटे हैं। छतों पर पानी आता हैं।
मार्केट के भीतर जाने वाली सड़कें खराब हैं। लाइट्स हैं नहीं जिसकी वजह से ग्राहक यहां आने से कतराते हैं। सेक्टर-44 मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अनिल वोहरा ने कहा कि दुकानदारों के लिए सबसे बड़ी समस्या ब्यूटीफिकेशन न होना है। इसीलिए प्रत्याशियों के सामने भी यही मुद्दा अहम रूप से रखा गया।
उन्होंने कहा कि पानी बरसता है तो यहां पानी भर जाता है, टाइलें टूटी पड़ी हैं और पार्क मेंटेन नहीं हैं। यही नहीं, यहां के टॉयलेट्स भी खराब पड़े हैं।
हमको भी दीजिए सिक्योरिटी
हम लाखों का माल लेकर दुकानों में बैठे हैं तो कम से कम सुविधाएं होनी चाहिए। ग्राहकों के लिए जनसुविधाओं की कमी है और हमारे लिए सिक्योरिटी समस्या हैं। हमने कई बार कहा कि चंडीगढ़ में ज्वे्लर्स की दुकानों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा होनी चाहिए। लेकिन ऐसा है नहीं।
राजीव सहदेव, अध्यक्ष, चंडीगढ़ ज्वेलर्स एसोसिएशन
हमारी मार्केट में ट्वायलेट खराब है और लोगों को बैठने की जगह तक नहीं। ऐसे में ग्राहक ज्यादा कैसे आएंगे। चंडीगढ़ के ज्वेलर्स के लिए सिक्योरिटी की समस्या अहम है। हमने कई बार इसके लिए चंडीगढ़ पुलिस से गुजारिश की लेकिन हुआ कुछ नहीं।
प्रदीप कुमार, वाइस प्रेसीडेंट, चंडीगढ़ ज्वेलर्स एसोसिएशन