शहर में बढ़ रहे अतिक्रमण पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान शहर के विभिन्न बाजारों में अतिक्रमणकारियों को हटाने में नाकाम साबित हो रहे नगर निगम को कड़ी फटकार लगाई।
चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस अरुण पल्ली पर आधारित खंडपीठ ने यूटी इन्फोर्समेंट विंग के अफसरों (इंस्पेक्टर्स) के ड्यूटी शेड्यूल को बदलने के निर्देश जारी किए हैं।
खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि इन अफसरों को शाम छह बजे से लेकर रात दस बजे तक बाजारों की निगरानी में लगाया जाए।
हाईकोर्ट ने एक माह तक इस व्यवस्था के तहत काम करने के बाद नगर निगम आयुक्त से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है।
अदालत ने कहा कि यह रिपोर्ट अगली सुनवाई से दो दिन पहले पेश की जाए। अगली सुनवाई 7 अप्रैल को होगी।
मामले की सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ के सीनियर स्टेंडिंग काउंसिल संजय कौशल ने हाईकोर्ट को बताया कि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ जुर्माना राशि बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही इस पर संसद में प्रस्ताव पारित होगा। वहीं, दूसरी तरफ याची संस्था के वकील ने दलील दी कि यूटी प्रशासन और नगर निगम वर्तमान कानून के तहत अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है, लेकिन उसके आधार पर भी कार्रवाई नहीं की जा रही। इस कारण दिन प्रतिदिन बाजारों में लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नगर निगम से कई सवाल किए। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि एक महीने तक इन्फोर्समेंट अधिकारियों (इंस्पेक्टर्स) को शाम के समय ड्यूटी पर लगाया जाए।