कोरोना की दूसरी लहर के अवसान पर स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड पंचकूला के मुख्य प्रशासक विनय सिंह ने 22 जून को नोटिफिकेशन जारी कर मार्केट फीस को एक बार 0.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.0 प्रतिशत कर दिया है। इससे अब बारीक धान खरीदने वालों को 0.5 प्रतिशत एचआरडीएफ और 2.0 प्रतिशत मार्केट फीस कुल 2.5 प्रतिशत शुल्क की अदायगी करनी होगी।
चावल निर्यात पर सीधा प्रभाव
जो मोटा धान सरकार एमएसपी पर खरीदती है, उस पर तो कोई प्रभाव नहीं होगा लेकिन जो धान एमएसपी पर नहीं खरीदा जाता, जैसे बासमती, उसकी अन्य किस्में 1509, डुप्लीकेट बासमती, 1121, मोछल, सरबती आदि कई किस्म के धान की खरीद पर इसका 2.5 प्रतिशत शुल्क देना होगा। खासकर जो चावल बाजार में महंगे भाव बिकता है या फिर जो बेहतर गुणवत्ता का चावल एक्सपोर्ट किया जाता है, उस पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा।
पिछले साल एचआरडीएफ और मार्केट कमेटी फीस को कम करके आधा-आधा प्रतिशत कर दिया था। इससे हरियाणा के चावल निर्यातकों और अन्य खरीददारों को राहत मिली थी और उन्होंने अपनी बचत का कुछ हिस्सा किसानों को बढ़ी कीमत के रूप में दिया था। अब उनकी लागत बढ़ेगी, इससे कैथल से करीब डेढ़ लाख टन चावल के लिए निर्यातकों की लागत बढ़ेगी तो पंजाब और दूसरे राज्यों के निर्यातक इस बात का फायदा उठाएंगे। इस फैसले का किसानों, आढ़तियों, मिलर्स और निर्यातकों पर काफी गंभीर असर होगा। इस संबंध में जल्द ही एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल सीएम मनोहर लाल से मिलेगा। - अमरजीत छबड़ा, प्रधान, हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन।